

कोरबा: प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक ब्रम्हा बाबा दादा लेखराज की 55वीं पुण्यतिथि कोरबा के स्थानीय सेवाकेंद्र टी.पी. नगर में विश्व सद्भावना भवन में मनाई गई। इस अवसर पर कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत व सेवाकेंद्र की संचालिका बी.के बिन्दू दीदी संचालिका बी.के रुक्मणी दीदी उपस्थित थी।सभी ने दीप जलाकर व श्रद्धासुमन अर्पण कर अपने भाव प्रकट किए। अपने उद्बोधन में सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि यहाँ आकर अद्भुत शांति की प्राप्ति होती है।
यह संस्था दिव्य कार्य कर रही है। जो लोगो को पुरूषोत्तम बनाने का श्रेष्ठ कार्य कर रही है। वास्तव में नरसेवा ही नारायण सेवा है। बी.के बिन्दू दीदी ने बताया कि इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना
1937 में तत्कालीन सिंध प्रांत के हैदराबाद में दादा लेखराज के द्वारा किया गया। वर्तमान समय में यह संस्था विश्व के 140 देशों में अपनी शाखाओं के माध्यम से मानव उत्थान हेतु श्रेष्ठ कार्य कर रही है। बी.के रुक्मणी दीदी ने सारयुक्त ब्रम्हा बाबा के जीवन कहानी का वर्णन किया तथा उनके समान बनने के लिए प्रेरणा दी।इस अवसर पर ब्रम्हा बाबा का शांति स्तंभ, हिस्ट्री हॉल व बाबा का कमरा का झांकी भी बनाय गया। जिसका अतिथियों ने अवलोकन किया। ब्रम्हाकुमारी बहनो द्वारा सांसद ज्योत्सना महंत को उपहार स्वरूप ईश्वरीय सौगात दिया गया। इस अवसर पर कमल कर्माकर, डॉ के.सी देबनाथ, एस मुर्ति तथा संस्था के अन्य भाई बहने उपस्थित थे



