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प्रदूषित शहर कोरबा में 60 फीसदी मरीजों में अस्थमा जैसे गंभीर रोग के लक्षण दिख रहे हैं..

कोरबा: पावर प्लांट से निकलने वाले धुएं, कोयला खदानों से निकाला कोल डस्ट, भारी वाहन और फ्लाई ऐश की डंपिंग का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है. हालत यह है कि ओपीडी में आने वाले लगभग 60 फीसदी मरीजों में अस्थमा जैसे गंभीर रोग के लक्षण दिख रहे हैं.
बता दे कि पिछले कुछ समय से कोरबा में पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश की काफी मात्रा में डंपिंग की जा रही है. बालको, सीएसईबी व अन्य पवार प्लांट से निकलने वाले राख को सड़क पर फेंक कर छोड़ दिया जाता है. जिसके कारण यहां से धूल उड़कर हवा में जम जाता है. इसी प्रदूषित हवा में लोग सांस ले रहे हैं. जिससे एक तरफ कोरबा का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स लगातार गिर रहा है तो दूसरी तरफ लोग सांस और छाती की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं.

लंबी सर्दी-खांसी, बुखार, चलते हुए थक जाना, छाती से सीटी जैसी आवाज आना, सांस फूलने जैसे लक्षण लोगों में ज्यादा दिखाई दे रहे हैं हैं. जो साइनस और अस्थमा के लक्षण हैं.
कोरबा में कई पावर प्लांट संचालित हैं. कोयला खदान भी है. यहां से जो प्रदूषण पैदा होता है. वह लोगों को बीमार बना रहा है. धूल डस्ट के कारण पार्टिकुलर मैटर की संख्या हवा में काफी ज्यादा है. दूषित हवा में लोग सांस ले रहे हैं. जिससे मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ओपीडी में आने वाले लगभग 60 फीसदी मरीजों में अस्थमा जैसे गंभीर रोग के लक्षण दिख रहे हैं.जानकारी के अनुसार ओपीडी में आने वाले 750 में से 550 मरीजों को छाती रोग से संबंधित परेशानी है, या फिर वह साइनस से पीड़ित हैं. जो प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण बीमार पड़ रहे हैं.

चिकित्सा विशेषज्ञ का प्रदूषित हवा के संबंध में कहना हैं कि
वायु प्रदूषण की वजह से आपके दिल की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ता है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने की वजह से हृदय पर गंभीर प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

वे आगे बताते हैं कि वायु प्रदूषण की वजह से आपके नाक और सांस की नली में गंभीर संक्रमण हो सकता है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने की वजह से आपके नाक में जलन और सूजन की समस्या हो सकती है। हवा में मौजूद पीएम कण आपके शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक माने जाते हैं।

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