कोरबा , पुलिस भले ही दुर्घटना को रोकने कई अभियान चला रही हो । पर भारी वाहनों के चालको में लापरवाही रोक पाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है । जांच के नाम पर बाइक सवारो पर चालान काटने की कार्यवाही बदस्तूर जारी है । वही दुर्घटना की जानकारी देने पर भी पुलिस के जवान मौके पर आने से कतराते है ।
जी है जो बातें हम कह रहे है ये कोई पुलिस को बदनाम करने के लिए नही कह रहे बल्कि आज हुई घटना ने ये साबित किया है कि पुलिस केवल चालान काटने के वक्त ही गंभीर नजर आती है । दुर्घटना की सूचना देने पर उनकी गंभीरता आराम करने चली जाती है घटना के सम्बंध में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ढेलवाडीह की ओर से लगभग तीन बजे बाइक में सवार दो युवक कटघोरा की तरफ जा रहे थे । जैसे ही बाइक सवार ढेलवाडीह बाई पास पुल के पास पहुचे ही थे कि विपरीत दिशा से आ रही केप्सूल वाहन के चालक ने तेजगति व लापरवाही पूर्वक चलाते हुए बाइक सवार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया ।
घटना के बाद लोगो की भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई भीड़ में शामिल पटवारी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी । लेकिन पुलिस काफी देर होने के बाद भी मौके पर नही पहुची । तब पटवारी ने घटना के सम्बंध में तहसीलदार को अवगत कराया । तब तहसीदार ने पुनः पुलिस को घटना की जानकारी दी तब कही जाकर पुलिस के जवान मौके पर पहुचे और 112 कि मदद से घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुचाया । अब आप खुद ही फैसला कीजिये कि हमने जो बातें लिखी है उसमें कंहा पर गलत है । एक तरफ पुलिस वाहन चालकों को शराब के नशे में वाहन नही चलाने की समझाइश दे रही है । वही भारी वाहन चालकों पर जांच नही किये जाने की छूट है नियम केवल बाइक व छोटी गाड़ियों पर ही लागू है । बाइक सवार लोगो को दस्तावेज की कमी व शराब के नशे में होने का हवाला देकर पुलिस उसी मार्ग पर जांच के नाम पर भारी भरकम चालान काट रही है । चालान नही देने की स्थिति में अपशब्दों का प्रयोग करने में जरा भी देर नही लगाती साथ ही वाहन को जब्त भी कर लिया जाता है ।



