
कोरबा। जिले के वनमंडल कटघोरा के एतमानगर रेंज अंतर्गत गुरसिया वन परिसर तथा केंदई के कापा नवापारा को हाथियों ने अपना बसेरा बनाते हुए डेरा डाल दिया है। यहां बड़ी संख्या में हाथी पिछले एक पखवाड़े से घूम रहे हैं लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है। इसकी मुख्य वजह वन विभाग के अधिकारी हाथियों की विभाग की ओर से की जा रही निगरानी को मानते हैं। वन विभाग चौबीसों घंटे हाथियों की निगरानी कर रहा है। इसके लिए डीएफओ के निर्देशन में वन कर्मियों के साथ रेंजर एवं एडीओ की ड्यूटी लगाई गई है, जो हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्र में पहुंचकर निगरानी में लगे रहते हैं। हाथियों के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने पर तत्काल ग्रामीणों को सचेत कर देते हैं। ग्रामीणों को सचेत करने के साथ ही ड्यूटी में तैनात वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी हाथियों को खदेड़ देते हैं। जानकारी के अनुसार गुरसिया परिसर में लगभग पांच दर्जन से अधिक हाथी घूम रहे हैं जबकि केंदई रेंज के कापा नवापारा में 7 हाथियों की मौजूदगी पिछले एक पखवाड़े से बनी हुई है। हाथी अधिकतर समय जंगल में ही रहते हैं। कभी-कभी हाथियों का मूवमेंट आबादी वाले क्षेत्रों में होता है। हाथियों द्वारा कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाए जाने पर ग्रामीणों के साथ-साथ वन अमला राहत महसूस कर रहा है। इससे पहले हाथियों ने यहां उत्पात मचाकर ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग की नाक में दम कर रखा था। ग्रामीणों ने वन विभाग को सदा यह भय बना रहता था कि कहीं हाथी गांव में न घुस जाए और बड़ा नुकसान पहुंचा दे। इस बीच कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज के चचिया जंगल में एक सप्ताह से डेरा जमाए दंतैल हाथी ने बीती रात आगे का रूख कर लिया। इस दंतैल हाथी को आज सुबह कलमीटिकरा के जंगल में विचरण करते हुए देखा गया।



