कोरबा, अलग-अलग क्षेत्रों में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं, लेकिन नगर पालिक निगम के पास इस पर लगाम लगाने कोई भी योजना नहीं है। लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में ही करीब कई बधाों व महिलाओं को कुत्ते काटकर घायल कर चुके हैं। शाम को थोड़ा अंधेरा होने के बाद लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल होता है। अगर कोई बधाा गली में अकेला जा रहा है तो कुत्ते उस पर झपट पड़ते हैं। गली-मुहल्लों में खेलते बधो अक्सर इनके हमलों के शिकार हो रहे हैं। परंतु प्रशासन और नगर निगम की तरफ से आवारा कुत्तों के दिन दिन बढ़ रही दहशत की तरफ बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों में कुत्तों की दहशत का माहौल बना हुआ है। आवारा कुत्तों के झुंडों की ओर से अक्सर बधाों बुजुर्गों पर हमले कर नोच कर खाने की घटनाएं भी अक्सर समाचार में रहती हैं।
नागरिकों ने बताया कि शहर के स्टेशन रोड ,बुधवारी, टीपी नगर, सीतामढ़ी, निहारिका, कोसाबाड़ी, सीएसईबी कॉलोनी में आवारा कुत्तों का ज्यादा आतंक है। खाने पीने के लिए कुछ न मिलने से आवारा कुत्ते वार्ड में लोगों के घर के पास घूमते रहते हैं। अगर सुबह शाम लोग घर के बाहर भी खड़े हैं तो कुत्ते उन्हें भौंकने या काटने के लिए दौड़ते हैं नागरिकों में इससे दहशत का माहौल है।
0 हर माह लोग बनते हैं शिकार
कुत्ता काटने के शिकार 10 से 20 लोग जिला व निजी अस्पतालों में इंजेक्शन लगवाने के लिए हर माह आते हैं। आंकड़ों के अनुसार हर माह इन सभी मरीजों को एंटी रेबीज का टीका लगाया जाता है। प्राइवेट अस्पतालों से इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या इससे भी अधिक है। अब देखना होगा कि इन आवारा कुत्तों की दिनों दिन बढ़ रही दहशत से लोगों को प्रशासन कब निजात दिलाता है।



