जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर दी आत्महत्या की चेतावनी
जांजगीर-चांपा। जिले के खरौद नगर पंचायत के करीब सैकड़ों महिलाओं ने सोमवार को तुस्मा बिजली ऑफिस का घेराव करते हुए विभाग की कार्यप्रणाली
पर गंभीर सवाल खड़े किए। महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से बिजली बिल असामान्य रूप से बढ़ गए हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय
परिवारों के घरों में दो हजार रुपये से लेकर सत्तर हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं,जो बिल्कुल भी जायज नहीं है। महिलाओं का कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया,तो वे सभी मजबूर होकर सामूहिक
आत्महत्या करेंगी। इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
सोमवार दोपहर तीन बजे के करीब खरौद नगर की सैकड़ों महिलाएं समूह बनाकर
तुस्मा बिजली दफ्तर पहुंचीं। हाथों में तख्तियां लिए,गुस्से से भरी महिलाएं स्मार्ट
मीटर बंद करो, मनमानी बिल बंद करो, "बिजली विभाग होश में आओ जैसे नारे
लगाते हुए बिजली कार्यालय के मुख्य गेट को क्रास करते हुए दफ्तर के सामने
पहुंची। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के
बाद से लोगों पर अचानक भारी-भरकम बिलों का बोझ डाल दिया गया है। पहले
जिन परिवारों का मासिक बिल पांच सौ से सात सौ रुपये आता था,अब उन्हीं घरों
में कई हजार रुपये का बिल भेजा जा रहा है। यही नहीं,कई परिवारों को 40 से 70
हजार तक का बिजली बिल थमाया गया है। जो मानसिक परेशान है। महिलाओं ने
नारेबाजी करते हुए बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर नरेश नेताम को ज्ञापन
सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा गया कि यदि विभाग जल्द ही समस्या का
समाधान नहीं करता, तो वे सभी महिलाएं सामूहिक आत्महत्या करने पर विवश
होंगी। महिलाओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर की आड़ में गरीब और मध्यमवर्गीय
परिवारों का शोषण किया जा रहा है। खरौद नगर पंचायत के उपाध्यक्ष रामेश्वर

यादव ने इस मौके पर कहा,स्मार्ट मीटर लगने के बाद ऐसा कोई भी घर नहीं
है,जहां से शिकायत न आ रही हो। लगभग हर परिवार को आवश्यकता से अधिक
बिजली बिल दिया जा रहा है। कई गरीब परिवारों को तो दो हजार से लेकर सत्तर
हजार तक का बिल भेजा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि गरीब आदमी अपने
बच्चों का पेट पाले या बिजली विभाग के इस मनमाने बिल का भुगतान करे।
नगर पंचायत उपाध्यक्ष रामेश्वर यादव ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा
कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया,तो बिजली ऑफिस
में एक बड़ा आंदोलन खड़ा होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने
में शामिल धनेश्वरी आदित्य ने बताया कि मंडल द्वारा जितनी खपत है,उससे कई
गुना ज्यादा का बिल भेजा जा रहा है। अब हम अपना परिवार का खर्च चलाएं या
विभाग को इतना बड़ा बिल दें। हमने जेई को ज्ञापन सौंपा है और साफ कहा है
कि यदि हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ,तो हम सभी सामूहिक आत्महत्या
करेंगे। उल्लेखनीय है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद प्रदेशभर से इस तरह
की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट
मीटर की रीडिंग में गड़बड़ी है, जिससे बिल बढ़ाकर दिखाया जा रहा है। वहीं,
विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता बढ़ेगी और चोरी रोकने में मदद
मिलेगी। लेकिन खरौद की यह घटना साफ दिखाती है कि आम जनता स्मार्ट मीटर
को स्वीकार नहीं कर पा रही है। अब देखना होगा कि सरकार और बिजली विभाग
इस समस्या का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाते हैं। इस संबंध में तुस्मा सब स्टेशन के जेई नरेश नेताम का कहना है कि टीम भेजकर जांच की जायेगी और जो भी त्रुटि होगी उस पर सुधार किया जायेगा। बिजली बिल हॉफ बंद कर दिया गया है सरकार द्वारा इसी वजह से पूरा यूनिट का बिल आया है।



