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बघेल पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 21 पर एफआईआर


रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव सट्टा घोटाले में सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित 21 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार, ठगी और जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसमें महादेव सिंडिकेट से जुड़े कारोबारी, पुलिस अधिकारी और राजनेता भी शामिल हैं। सीबीआई ने यह एफआईआर 18 दिसंबर को दर्ज की थी, लेकिन इसकी चर्चा मंगलवार देर रात से तेज हो गई। एफआईआर में पहला नाम रवि उप्पल और आखिरी नाम अज्ञात व्यक्तियों का है। यह मामला ईडी और ईओडब्ल्यू की चार्जशीट के आधार पर दर्ज किया गया है।
सीएम विष्णुदेव साय सरकार की सिफारिश पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज 12 केसों की जांच अब सीबीआई कर रही है। जांच के दौरान अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद प्रदेश में छापेमारी शुरू की गई। सीबीआई जिन मामलों की जांच कर रही है, उन पर पहले ही ईडी और ईओडब्ल्यू कार्रवाई कर चुके हैं। ईडी ने कई आरोपियों की संपत्तियां अटैच की हैं। इस घोटाले में रायपुर के गंज, सिविल लाइन, टिकरापारा, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सूरजपुर में रजिस्टर्ड केस शामिल हैं। इस मामले पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब तक 74 से अधिक एफआईआर और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, फिर भी सरकार सट्टेबाजों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से पहले शुभम सोनी का वायरल वीडियो अब तक क्यों अनदेखा किया गया और उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
ईडी ने 388 करोड़ रुपए की संपत्तियां की गई जब्त
प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटरों, पैनल संचालकों और सहयोगियों की 388 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। जब्त संपत्तियों में मॉरीशस स्थित तानो इन्वेस्टमेंट ऑपच्र्युनिटीज फंड और छत्तीसगढ़, मुंबई व मध्य प्रदेश में अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, कोलकाता से शेयर कारोबारी गौरव केडिया को गिरफ्तार किया गया, जिसने सट्टे की रकम को शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर वाइट मनी में बदलने का काम किया था। ईडी ने उसे 5 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब तक ईडी ने 2,295 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त या फ्रीज की हैं, जिनमें 142 करोड़ रुपए पहले ही कुर्क किए जा चुके हैं। ईडी ने 19 करोड़ रुपए की नकदी, 16 करोड़ रुपए के आभूषण और बैंक बैलेंस भी जब्त किया है। अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और बॉलीवुड से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई है।
ईडी की जांच के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप एक संगठित सट्टेबाजी नेटवर्क के रूप में कार्य करता था, जहां यूजर्स को आईडी दी जाती थी और बेनामी बैंक खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी। यह अवैध सट्टेबाजी का संचालन कर करोड़ों की अवैध कमाई करता था। ईडी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा सिंडिकेट बताया है और सरकार अब इस घोटाले में शामिल सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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