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SECL कुसमुंडा खदान बंद करने तैयारी तेज, 20 सूत्रीय मांग, किसान सभा का आंदोलन 17 को


कोरबा, रोजगार समेत अन्य समस्याओं को लेकर एसईसीएल सीएमडी के साथ बैठक के आसार खत्म होते देख एसईसीएल कुसमुंडा के खदानबंदी की तैयारी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के पदाधिकारियों ने बैठक कर रणनीति बनाई है। भू-विस्थापितों की 20 सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जाएगा।
रोजगार के लंबित प्रकरणों में नौकरी, बसाहट में रह रहे भू-विस्थापितों को काबिज भूमि का पट्टा देने, खदान प्रभावित गांवों के युवाओं को एसईसीएल के ठेका कंपनियों में रोजगार देने प्राथमिकता देने समेत अन्य मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ किसान सभा के सहयोग से भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ चरणबद्ध आंदोलन कर रही है।
इसी कड़ी में 17 नवंबर को खदानबंदी का ऐलान किया है। किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने बताया कि 5 दिन पहले मेगा प्रोजेक्ट की खदानों में कोयला उत्पादन की स्थिति जानने पहुंचे एसईसीएल बिलासपुर के सीएमडी प्रेमसागर मिश्रा से मुलाकात कर भू-विस्थापितों की मांगों से अवगत कराया गया था, जिस पर चर्चा करने भू-विस्थापितों के साथ बैठक करने आश्वस्त किया था, लेकिन यह बैठक होने की भू-विस्थापितों की उम्मीद खत्म हो गई है। ऐसे में अब खदानबंदी आंदोलन को सफल बनाने की तैयारी में संगठन जुटा है

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