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“युवाओं को मिला ट्रैफिक वार्डन का अवसर, आर्थिक स्थिति में सुधार”

रायपुर, (संवाद साधना ) । राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई ट्रैफिक वार्डन योजना सफलतापूर्वक चल रही है। इस योजना के तहत कई नवयुवक जुडक़र यातायात प्रबंधन में सहयोग दे रहे हैं। इन युवाओं ने न केवल यातायात नियंत्रण का कार्य बखूबी संभाला है, बल्कि शहर की एक बड़ी समस्या को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हंै। वहीं ट्रैफिक वार्डन को एक माह के लिए ट्रायल के तौर में मैदान मेेें उतार गया है। इनके इस प्रदर्शन से आगे की योजना तय की जाएगी।
आर्थिक सहायता मिल रही, साथ ही समाज के लिए कुछ कर पा रहे
ट्रैफिक वार्डन लोकेश साहू और मंयक वर्मा ने बताया कि वे इस कार्य से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे न केवल उन्हें आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे समाज के लिए भी कुछ कर पा रहे हैं। अन्य वार्डनों का कहना है कि हमें नया अनुभव मिल रहा है।
दो पालियों में कर रहे काम
जानकारी के अनुसार फिलहाल शहर में 25 से अधिक ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए हैं, जो दो पालियों में काम कर रहे हैं। सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक और शाम 5 से रात 9 बजे तक। इन वार्डनों को 9,700 रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है, जिसमें पीएफ कटौती भी शामिल है। इस योजना में नवयुवकों से लेकर अनुभवी व्यक्तियों तक शामिल हैं। कुछ वार्डन छात्र भी हैं, जो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं।
यातायात की समस्या वाले क्षेत्रों पर फोकस
ये वार्डन शहर के सबसे अधिक यातायात बाधित होने वाले इलाके जैसे पंडरी, तेलीबांधा, शारदा चौक और मरीन ड्राइव आदि में तैनात हैं, जहां वे यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद कर रहे हैं।
वर्जन
इस योजना से न केवल यातायात समस्याओं में कमी आई है, बल्कि युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिला है। भविष्य में इस योजना को और विस्तारित किया जाएगा।
डॉ. प्रशांत शुक्ला, एएसपी, यातायात रायपुर,

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