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तहसीलदारों का शुरू हुआ अनिश्चिकालीन हड़ताल, कार्यालयों में कामकाज ठप, आवेदक खाली हाथ लौट रहे

तहसीलों के बाबू का मिल रहा एक ही जवाब- हड़ताल समाप्त होने के बाद ही होगा काम

    रायपुर (संवाद साधना)। यदि आपका तहसील कार्यालय में काम है या फिर आपकी जमीन संबंधी पेशी है तो आप अभी कार्यालय मत जाइए। तहसील कार्यालय में काम-काज पूरी तरह से ठप है। यहां केवल बाबू मिलेंगे और कहेंगे कि आपका काम अभी नहीं हो सकता है। इस जवाब के बाद आप खाली हाथ वापस लौट आएंगे, क्योंकि तहसीलदारों ने अपने प्रदर्शन को तीन दिवसीय के बाद अब अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की ओर ले गए हैं। अब वे जब तक उसकी मांगों पर शासन विचार नहीं करेगा तब तक प्रदर्शन करेंगे।
    तहसीलदार व संघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने बताया कि शासन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया है। 28 जलाई को जिला स्तरीय प्रदर्शन कर शासन को अपनी मांगों पर विचार करने का समय दिया, लेकिन नहीं कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद दूसरे दिन संभाग स्तरीय प्रदर्शन किया गया। इसमें संभाग के तहसीलदार व नायब तहसीलदार प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। दूसरे दिन भी कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद 30 जुलाई को फिर प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन का निर्णय लिया और प्रदेशभर के नायब तहसीलदार और तहसीलदार प्रदर्शन स्थल नवा रायपुर तूता पहुंचे। यहां सभी ने अपनी मांग मुखर की और शाम तक लगा था कि शासन कुछ मांगों पर विचार करेगा, लेकिन तीसरे दिन भी शासन ने विचार नहीं किया। इसके बाद संघ ने अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया और आज हम सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
    खाली हाथ लौट रहे आवेदक
    आय-जाति, निवास, नामांतरण सहित राजस्व संबंधी काम ठप हो गया है। यहां काम के लिए पहुंच रहे छात्र सहित ग्रामीणों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों की है। छात्रवृत्ति के लिए बनाए जा रहे आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र का काम अब नहीं हो रहा है। इसी के साथ मकान बनाने का सपना देख रहे लोगों का लोन भी पास नहीं होगा, क्योंकि नामांतरण का काम रुक गया है।
    इस तरह के काम काज बंद
    आय, जाति, निवास, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अभिलेखों का काम बंद हो गया है। राजस्व न्यायालयों की सुनवाई भी टल गई है। जमीन संबंधी कोई काम नहीं हो रहा है।

    ये है उनकी मांगे
    तहसील कार्यालयों में स्वीकृत सेट की पदस्थापना, पदोन्नति का अनुपात 50-50, नायब तहसीलदार पद को राजपत्रित किया जाए, तहसीदार और नायब तहसीलदारवार ग्रेड पे सुधार हो, शासकीय कार्यों के लिए शासकीय वाहन व चालक भत्ता मिले, मानदेव भुगतान व नियुक्ति आउटसोर्सिंग के स्टॉफ की नियुक्ति के लिए तहसीलदार को अधिकृत करें सहित कई मांगे शामिल है।

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