-ऑनलाइन एडवांस देकर माल न भेजने पर धोखाधड़ी का केस दर्ज पुलिस कर रही जांच
रायपुर,(संवाद साधना)। दिवाली के त्याहोर के जहां बाजार में जेबकतरे, ठग घूम रहे हंै, वहीं ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते चलन के बीच रायपुर में एक छोटे व्यापारी के साथ 1.20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। संतोषी नगर निवासी छोटेलाल चौहान, जो चौहान एल्युमिनियम नाम से
दुकान चलाते हैं, ने बीकानेर (राजस्थान) स्थित एक तथाकथित शर्मा इंटरप्राइजेस नामक फर्म से एल्यूमिनियम का माल मंगाने के लिए संपर्क किया था, लेकिन भुगतान के बाद न तो माल भेजा गया और न ही रकम वापस की गई।
ऑनलाइन सर्च से हुई शुरुआत, फिर जाल में फंसे व्यापारी
पुलिस को पीडि़त चौहान ने बताया कि अपने व्यवसाय के लिए एल्यूमिनियम के 60 टेबल और 15 घोड़ी (फ्रेम) खरीदने के लिए जस्ट डायल पर सर्च किया। वहां से उन्हें शर्मा इंटरप्राइजेस, बीकानेर का मोबाइल नंबर मिला। बातचीत के बाद 5 अगस्त, 2025 को उन्होंने 5,000 रुपये अग्रिम भेजे। अगले दिन उन्होंने 15,000 रुपये और दिए।
इसके बाद उन्हें नैशनल कार्गो सर्विस की एक रसीद भेजी गई, जिसमें 1.20 लाख रुपये का बिल और एक बैंक खाता नंबर दिया गया था। यह खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कार्तिक मीणा के नाम पर था।

1.20 लाख भेजने के बाद बंद हो गया संपर्क
8 अगस्त, 2025 को व्यापारी ने कुल 1,00,000 रुपये का अंतिम भुगतान भी ऑनलाइन कर दिया। इसके बाद लगातार यह भरोसा दिलाया गया कि आपका माल रास्ते में है, लेकिन कुछ दिनों बाद मोबाइल बंद हो गया और किसी का कोई जवाब नहीं मिला। धोखा महसूस होने पर चौहान 9 अगस्त, 2025 को खुद बीकानेर पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि पूरन शर्मा नाम का व्यक्ति खुद को शर्मा इंटरप्राइजेस का मालिक बताता है, लेकिन मिलने से बचता रहा। कई बहानों के बाद भी वह व्यापारी से नहीं मिला। थके-हारे चौहान13 अगस्त को रायपुर लौटे और मौदहापारा थाने में लिखित शिकायत दी। चूंकि घटना का एरिया टिकरापारा थाना क्षेत्र में आता था, इसलिए आवेदन वहां भेज दिया गया।
अब पुलिस कर रही जांच, खाता हुआ ब्लॉक
शिकायत के आधार पर चौहान ने संबंधित बैंक शाखा (एसबीआई जय स्तंभ चौक) में आवेदन देकर खाता ब्लॉक कराया, लेकिन तब तक रकम निकाली जा चुकी थी। उन्होंने एसएसपी और टिकरापारा थाना प्रभारी को भी आवेदन की प्रति सौंपी।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
टिकरापारा थाना प्रभारी विनय सिंह बघेल ने बताया कि आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगों ने जस्ट डायल पर अपने फर्जी बिजनेस प्रोफाइल कैसे बनाए।



