– पुलिस ने किया फर्जी चोरी का पर्दाफाश
रायपुर, (संवाद साधना)। राजधानी में हुई कथित उठाईगिरी की घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पुलिस जांच में यह मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता कारोबारी ने ही खुद उधारी की रकम चुकाने से बचने के लिए चोरी का नाटक रचा था। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी कारोबारी और उसके साथी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, महासमुंद निवासी भावेश चंद चांडक ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सोमवार शाम वह अपने दोस्त पंकज राठी के साथ डुमरतराई थोक बाजार में भुगतान करने जा रहा था। रास्ते में दोनों रिंग रोड स्थित एक ढाबा में भोजन करने के लिए रुके। इसी दौरान भावेश के मोबाइल में कार अनलॉक होने का नोटिफिकेशन आया। जब वह तुरंत कार के पास पहुंचा, तो देखा कि पीछे की सीट पर रखा नकदी से भरा बैग गायब है।
शिकायतकर्ता भावेश ने कबूल की सच्चाई
भावेश ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखाई न देने पर पुलिस को घटना पर संदेह हुआ । पुलिस ने जब शिकायतकर्ता भावेश से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरी सच्चाई कबूल कर ली।
फुटेज मेंं कोई गतिविधि नहीं दिखी
उसने बताया कि उसने अपने साथी पंकज राठी के साथ मिलकर यह उठाईगिरी का नाटक खुद रचा था, ताकि वह उधारी की रकम चुकाने से बच सके। नकदी चोरी होने की झूठी कहानी गढक़र उसने यह दिखाने की कोशिश की कि पैसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने चुरा लिए हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि घटनास्थल के सभी कोणों से निरीक्षण किया गया था। फुटेज में किसी बाहरी व्यक्ति की गतिविधि नहीं दिखी। इसके बाद तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल नोटिफिकेशन की जाँच की गई, जिससे पुलिस को शक हुआ। आखिरकार लगातार पूछताछ में भावेश ने अपराध स्वीकार कर लिया।



