रायपुर में रहकर संगठन के लिए, राशन, इलाज और आश्रय की कर रहे थे व्यवस्था
रायपुर,(संवाद साधना)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ा नक्सल नेटवर्क भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चंगोराभाठा इलाके से एक माओवादी दंपति को गिरफ्तार किया है, जो शहर में रहकर नक्सली संगठन के लिए शहरी नेटवर्क तैयार करने का काम कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार नक्सली दंपत्ति के पास से लाखों का सोने का बिस्कुट समेत अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों नक्सली शहर में शहरी नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
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गिरफ्तार दंपत्ति बीजापुर जिले के गंगालूर इलाके के निवासी हैं। पुरुष नक्सली जग्गू उर्फ रमेश कुरसम (28) और महिला नक्सली कमला कुरसम (27) को छत्तीसगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया। महिला नक्सली कमला कुरसम को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है, जबकि पुरुष नक्सली जग्गू को एसआईए ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ डीडी नगर थाना में यूएनपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत एफआईआर दर्ज की है। एसआईए द्वारा दोनों से पूछताछ की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी से शहर में सक्रिय शहरी नक्सली नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर और भी नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचा जा सकता है। स्थानीय पुलिस और एसआईए ने इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है और आगे की कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित की गई है। अधिकारियों के अनुसार, शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।

जब्त सामग्रियां
2 नग स्क्रीन टच मोबाइल फोन, 10 तोला सोने का बिस्कुट, ₹1,14,240 नगद राशि तथा अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की। डीडी नगर थाने में अपराध क्रमांक 441/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 147, 148, 61 तथा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 17, 18, 19, 20, 38, 39, 40 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार नक्सली दंपति को एनआईए की विशेष न्यायालय, बिलासपुर में पेश किया गया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस प्रकरण को राज्य अन्वेषण अभिकरण को स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां अग्रिम विवेचना जारी है। पुलिस आसपास क्षेत्र के लोगों समेत अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है।

रायपुर में छुपकर गतिविधियों में दे रहे थे मदद
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य हैं और रायपुर में रहकर संगठन के लिए, राशन, इलाज और आश्रय की व्यवस्था, बड़े कॉडर को सुरक्षित ठिकाने देना, तथा शहरी नेटवर्क को विकसित करने का कार्य कर रहे थे।



