– झारखंड और बिहार सहित छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर एवं अकलतरा मेंकई ठिकानों पर जांच
– कैश और दस्तावेज जब्त

रायपुर, (संवाद साधना)। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब और कोयला घोटाले में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने रविवार तडक़े तीन राज्यों में 7 ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और कैश जब्त किए हैं। टीम ने बिहार और झारखंड के साथ ही छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और अकलतरा में एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा।
ताबड़तोड़ छापेमारी से कारोबारी और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, नगदी और संपत्ति संबंधी कागजात बरामद किए गए हैं। इनकी जांच फिलहाल जारी है और शुरुआती संकेतों के मुताबिक बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी के सबूत सामने आए हैं।
अवधेश यादव और शराब सिंडिकेट पर शिकंजा
कार्रवाई का बड़ा हिस्सा शराब घोटाले से जुड़े कारोबारी अवधेश यादव पर केंद्रित रहा। रायपुर के देवनगरी और शिव विहार कॉलोनी स्थित उनके निवास पर छापा डाला गया। अधिकारियों ने यहां घंटों तक दस्तावेजों की छानबीन की। अवधेश यादव का नाम शराब सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, जिस पर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि शराब के अवैध व्यापार और डुप्लीकेट होलोग्राम के जरिये बड़े पैमाने पर नकली सप्लाई की गई, जिससे सरकारी राजस्व में हजारों करोड़ की हानि हुई। अधिकारियों का दावा है कि सिंडिकेट ने फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और बोगस सप्लाई के जरिये अनधिकृत लाभ कमाया।
सौम्या चौरसिया का सहयोगी जयचंद कोसले गिरफ्त में
इसी कार्रवाई के दौरान अकलतरा नगर के अंबेडकर चौक में एक ठिकाने पर दबिश दी गई। यहां खनिज विभाग के कर्मचारी जयचंद कोसले को हिरासत में लिया गया। बताया जाता है कि जयचंद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान खनिज सचिवालय में पदस्थ था और पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया का करीबी सहयोगी था। एसीबी के अनुसार, जयचंद कोसले ने अवैध कोयला लेवी वसूली के जरिए करीब 50 करोड़ रुपए का प्रबंधन किया। छापेमारी के दौरान उसके घर से कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बरामदगी से कोल स्कैम में जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।



