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सालेम इंग्लिश स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाएं प्राचार्य व उसके पति के प्रताड़ना से परेशान, विरोध पर उतरे


रायपुर, (संवाद साधना)। सालेम इंग्लिश स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाएं स्कूल की प्राचार्य व उसके पति के प्रताडऩा से तंग आकर विरोध पर उतर आए हैं। रूपिका लारेंस को स्कूल का प्राचार्य बनाया गया है, जिसे लेकर भी आक्रोशित हो गए हैं। वहीं वेतन को लेकर हो रही लेटलतीफी से भी शिक्षक और शिक्षिकाएं परेशान है। स्कूल के फंड को भी क्षति पहुंचा रहे हैं। आरजी यादव, एस तिग्गा, आरबी जोगी सहित अन्य शिक्षक व शिक्षिकाओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि स्कूल में पिछले कई वर्षों से अपनी अपनी सेवाएं पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदार से दे रहे हैं। 7.11.2023 से श्रीमती रूपिका लॉरेंस स्कूल को प्रभारी प्राचार्या बनाया गया है। क्योंकि उपसके पति नितिन लॉरेंस जो कि स्वयं को छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (सी. डी.बी.ई.) के कथित उपाध्यक्ष बताए जाते हैं। उनके द्वारा अपने पत्नि को कूट रचना करके पहले तो 25.07.2023 को उप प्राचार्या के पद पर आसीन किया गया एवं तीन महीनों के बाद बिना किसी नियत प्रकिया के पालन के सीधे प्रभारी प्राचार्या के पद पर नियुक्त कर दिया गया। प्राचार्या के नियुक्ति उपरांत शाला के समस्त कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ गए है, जो वेतन एक तारीख को मिलता था वो अब 20 से 25 तारीख को मिल रहा है वो भी आधे-आधे शिक्षक/शिक्षिकाओं एवं अन्य स्टाफ को। हमारे वेतन से हर महीने हमारा प्रोविडेंट फंड काटा जाता है किंतु प्रोविडेंट फंड की आफिस में 16 महीनों से जमा नहीं किया गया है। इस संबंध में हमारे द्वारा आपत्ति उठाए जाने पर नोटिस देकर धमकी दी जाती है कि नौकरी से निकाल दिया जाएगा, जैसा कि बहुत से कर्मचारियों के साथ किया गया है। इस धमकी देने में प्रभारी प्राचार्या के पति भी मौखिक रूप से प्रत्येक कर्मचारियों को बुला – बुलाकर जीवन बर्बाद कर देने की बात कही जाती है और प्रभारी प्राचार्या द्वारा अकारण छोटी छोटी बात के लिए नोटिस/मेमो दिया जाता है। प्रभारी प्राचार्या एवं उसके पति अनाधिकृत रूप से अपने पद पर काबिज हैं। इस शाला से सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को 3.5 रुपये गे्रेच्यूटी पाने का अधिकार है परंतु उक्त प्रभारी प्राचार्या द्वारा किसी को भी सुविधा नहीं प्रदान करना चाहती है स्पष्ठ कहती है कि पैसे होंगे तो दें। उक्त प्रभारी प्राचार्या ने शाला के नियम विरुद्ध बाउंसर्स को नियुक्त किया हुआ है जो कि उसकी बॉडी गार्ड की तरह साथ रहते हैं यदि हम कर्मचारियों को प्रभारी प्राचार्या डे कक्ष में प्रवेश करना हो तो उक्त बाउंसर के पास अपना मोबाइल जमा करना होता है, जूता, चप्पल उतार कर कक्ष में प्रवेश करना होता है।
शाला के फंड का किया जा रहा गबन
इन पति-पत्नी के द्वारा षडयंत्रपूर्वक शाला के फंड का गबन किया जा रहा है जिससे कर्मचारियों की सेलरी समय पर नहीं दी जा रही है। हम लोगों की इ.एम. आई. लगी हुई, जिस कारण समाज एवं बैंक में अधिकतर कर्मचारियों की साख गिरती जा रही है। आपत्ति करने पर झूठे केस में फसाने एवं नौकरी से निकालने की धमकी- चमकी दी जाती है, जिससे स्टाफ भयभीत है।

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