रायपुर, संवाद साधना। छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती (25 वर्ष) पर मैट्स यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय और सूचना विज्ञान विभाग द्वारा एक भव्य पुस्तक महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय परिसर पंडरी में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत का सम्मान करते हुए पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना था।
पुस्तकें ज्ञान के साथ संस्कृति से जुडऩे का माध्यम
महोत्सव का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गजराज पगारिया ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना चंद्राकर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और मूल्यों से जुडऩे का माध्यम भी हैं। डॉ. चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की विकास यात्रा और शिक्षा में आई सकारात्मक प्रगति पर भी प्रकाश डाला। यह महोत्सव केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं बल्कि राज्य की रजत जयंती को मनाने का सार्थक प्रयास भी था। कार्यक्रम में डायरेक्टर जनरल प्रियेश पगारिया, कुलपति प्रो. डॉ केपी यादव, उपकुलपति डॉ. दीपिका ढांढ और कुलसचिव गोकुलानंद पंडा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता में सहायक प्राध्यापक संजय शाहजीत, लुकेश कुमार मिर्चे, ओमलता साहू और सहायक ग्रंथपाल शशिकांत कोसरे का विशेष योगदान रहा। समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



