रायपुर, संवाद साधना। राजधानी के अंबेडकर अस्पताल एक बार फिर लापरवाही के चलते सुर्खियों में है। बलौदाबाजार निवासी गायत्री बंजारे नामक महिला मरीज गले में गंभीर तकलीफ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन उसे पूरे सात दिन तक इलाज नहीं मिला। परिजनों के अनुसार गायत्री को ईएनटी विभाग में भर्ती कराने के लिए रोजाना ओपीडी में पर्ची कटवाई गई, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ की उदासीनता के चलते उसे न तो समुचित इलाज मिला और न ही भर्ती किया गया। परिजन राजीव पात्रे ने बताया कि वे लगातार छह दिन तक अस्पताल के चक्कर लगाते रहे, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। थक-हारकर मरीज ने अस्पताल परिसर में ही डीजल छिडक़कर आत्मदाह की धमकी दे दी। यह खबर जब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, तब जाकर अस्पताल प्रशासन की नींद टूटी और आनन-फानन में महिला को देर शाम भर्ती कर लिया गया।
वर्जन
इलाज न मिलने का आरोप निराधार है, मरीज का इस समय समुचित इलाज जारी है।
शुभ्रा ठाकुर, पीआरओ अंबेडकर अस्पताल
मरीज सात दिन तक इलाज के लिए अस्पताल में भटकती रही, लेकिन प्रबंधन की लापरवाही के कारण समय पर उपचार शुरू नहीं हो सका।
राजीव पात्रे, परिजन



