Raipur Railway:कर्मचारियों की सुरक्षा और ड्यूटी सुधार की उठी मांग

Raipur Railway: रायपुर। रायपुर रेल मंडल में ट्रैक मेंटेनेंस और ट्रेन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने 1 नवंबर से शीतकालीन गश्त (विंटर पेट्रोलिंग) का टाइम टेबल जारी किया है। हालांकि, इंजीनियरिंग विभाग के हालिया निरीक्षण में सामने आई कमियों को देखते हुए अखंड रेल कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों में सुधार की मांग की है। संघ के अध्यक्ष और मंडल समन्वयक अनिल कुमार सिंह ने वरिष्ठ मंडल अभियंता (सम.) को लिखे पत्र में कहा कि जहां अप, डाउन और मिडिल तीनों लाइनों पर ट्रेनें चलती हैं, वहां गश्त के दौरान तीन-तीन कर्मचारियों की तैनाती अनिवार्य की जाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोहरी और तीसरी लाइन शुरू होने से ट्रेनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे ट्रैकमैनों पर कार्य का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
12 घंटे की ड्यूटी से बढ़ रहा जोखिम, 8 घंटे की मांग
अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर मानवयुक्त समपार फाटकों पर कर्मचारियों से 12 घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है, जो सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि थकान के कारण कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। संघ ने मांग की है कि इन फाटकों पर ड्यूटी अवधि को 8 घंटे तक सीमित किया जाए, ताकि कर्मचारी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि वेल्डिंग यूनिट और ट्रैकमेंटेनरों को कार्य पूर्ण होने के बाद पर्याप्त विश्राम दिए बिना रात की ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। अनिल कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी कर्मचारी को दोबारा कार्य पर बुलाने से पहले कम से कम 10 घंटे का आराम दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि किसी कर्मचारी को एक ही दिन में दोबारा बुलाया जाता है, तो उसे समयोपरि भत्ता (ओवरटाइम अलाउंस) दिया जाए।



