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सेंट्रल पूल में चावल कटौती पर संसदीय सचिव ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

महासमुंद(संवाद साधना)। संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने सेंट्रल पूल में चावल कटौती पर केंद्र में काबिज मोदी सरकार के खिलाफ निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में भूपेश सरकार काबिज हुई है तब से केंद्र सरकार द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा किसानों का धान खरीदी की जा रही है और आगे भी करेगी।संसदीय सचिव व विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा धान के 130 लाख टन उपार्जन के अनुसार बनने वाले परिणामी चावल की 86.5 लाख मीट्रिक टन मात्रा को घटाते हुए 61 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त जूट पैकेजिंग की छठवीं आपूर्ति योजना द्वारा केन्द्रीय पूल में चावल उपार्जन हेतु आवश्यक नये जूट बारदानों की आपूर्ति मात्रा को कम करते हुए 3.56 लाख गठान के स्थान पर 2.45 लाख गठान किया गया है।

जबकि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की तरफ से धान खरीदी की सीमा 20 क्विंटल प्रति एकड़ किए जाने का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय पूल में 86 लाख मे.टन चावल उपार्जन के लक्ष्य को यथावत रखे जाने का अनुरोध किया गया। क्योंकि विगत वर्षों में धान के रकबे में हुई बढ़ोत्तरी के साथ-साथ राज्य के किसानों की ओर से उन्नत किस्म के बीजों के उपयोग और बेहतर उर्वरक प्रबंधन के दृष्टिगत उत्पादकता में वृद्धि हुई है। विशेषतः मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी क्षेत्रों में, जिसके चलते किसानों समूहों की ओर से की गई मांग के आधार पर राज्य में धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ को बढ़ाते हुए राज्य शासन की ओर से अधिकतम 20 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई है।

लेकिन केंद्र सरकार द्वारा सेंट्रल पूल में चावल कटौती की जा रही है। संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने  भूपेश सरकार को किसानों की सरकार बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के अडंगेबाजी के बाद भी किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और हर परिस्थिति में एक नवंबर से 20 क्विंटल धान की खरीदी करेगी।

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