रायपुर। मंदिर हसौद टोल नाका में वाहनों की लंबी कतार लग रही है। हर घंटे लोग यहां जाम में फंस रहे हैं। दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग रही। जाम का कारण फास्टैग फेल होना है। वाहन मालिकों द्वारा फास्टैग का केवाईसी या अपडेट नहीं कराने के कारण हर टोल में जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।
जानकारी के अनुसार वाहन चालकों द्वारा फास्टैग की केवाईसी नहीं कराने के कारण एचडीएफसी, एसबीआई और बजाज कंपनी के फास्टैग बंद हो गए हैं, जिसकी जानकारी अधिकांश वाहन चालकों को नहीं रहती। ऐसे में केवाईसी नहीं कराने के कारण फास्टैग को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जा रहा है। इसी के चलते मंदिर हसौद टोल नाका में जाम देखने को मिला।यहां वाहनों में फास्टैग नहीं होने या ब्लैक लिस्ट होने के कारण चालकों को नकदी भुगतान करना पड़ा, जिससे दूसरी गाडिय़ों की कतार लग गई। टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने बताया, कई ट्रकों पर फास्टैग लगे हैं। मगर, स्कैन करने पर पता चल रहा है कि उसमें बैलेंस नहीं है, जिससे टोल टैक्स का भुगतान हो सके। अब वे लाइन में खड़ा होकर ही अपने मालिक को फोन लगा रहे हैं। वहां से उनका फास्टैग रिचार्ज हो रहा है। उसके बाद वे आगे बढ़ रहे हैं। इस प्रक्रिया में कम से कम 10 मिनट लग रहे हैं। ऐसे में उनके पीछे की गाडिय़ों को बिना वजह रुकना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बन रही है।
दोगुना करना पड़ रहा भुगतान
राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल नाकों पर फास्टैग नहीं होने पर नकदी में दोगुना भुगतान करना होता है। इसके बाद भी मंदिर हसौद टोल नाका में हर रोज सैंकड़ों वाहन बिना फास्टैग के पहुंच रहे हैं। आरंग और रायपुर के बीच इस टोल नाके से हर रोज औसतन 30 से 32 हजार गाडिय़ां गुजरती हैं। इनमें से जिन गाडिय़ों में फास्टैग नहीं है। इसके कारण चालकों को दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ता है।



