झांकी देखने कतार में लगकर बारी का कर रहे इंतजार
महासमुंद। शारदेय नवरात्रि में पंचमी के बाद से ही शक्तिपीठ, देवी मंदिरों और दुर्गा पंडालो में माता के दर्शन के लिए शहर सहित आस-पास के ग्रामीण अंचल से भक्तों की भीड सड़कों पर उमड़ पड़ी है। देर रात तक पंडालों में भक्तों की भीड़ रहती है। कहीं-कहीं झांकी देखने लंबी कतार में लगे भक्त अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
बता दें कि शहर सहित अंचल इन दिनों मां दुर्गा के भक्ति में लीन है। गत रविवार 15 अक्टूबर से शुरू हुआ नवरात्र पर्व प्रारंभ हुआ। पंचमी पर देवी मंदिरों सहित सार्वजनिक मां दुर्गा पंडालो में माता का विशेष शृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई । पंचमी के बाद से ही शक्तिपीठ, देवी मंदिरों और मां दुर्गा पंडालों में माता के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है जिससे शहर की सड़कों पर देर रात तक रौनक बनी हुई है। महासमुंद की मां महामाया, बिरकोनी चंडी, भीमखोज खल्लारी माता, घुंचापाली चंडी माता मंदिर सहित जिले के देवी मंदिरों में असंख्य भक्त पहुंच रहे हंै। यहाँ न केवल जिले से ही बल्कि आस-पास जिले से भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। शहर में दादाबाड़ा स्थित केदारनाथ धाम पंडाल में विराजित मां दुर्गा के दर्शन के लिए भक्तों की इतनी भीड़ है कि पंडाल छोटा पड़ रहा है, वहीं अंबेडकर चौक में महाभारत की चलित झांकी और मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा निहारते बड़ी संख्या में भक्तों को आसानी से देखा जा सकता है। उक्त दोनों स्थानों पर भक्तों की लंबी कतार देखी जा सकती है। शहर के पुराना रायपुर नाका, वेडनर स्कूल के पास, श्री राम मंदिर, सतबहनिया चौक, पुराना मलेरिया आफिस, बीटीआई रोड,लोहिया चौक, हाउसिंग बोर्ड कालोनी सहित नयापारा क्षेत्र सहित शहर भर में लगभग 22 से 25 मां दुर्गा की प्रतिमाएँ पंडालों में स्थापित की गई है, जहाँ सुबह-शाम आरती के समय भक्त माता की पूजा-अर्चना में लीन हैं।
कल अष्टमी, हवन-पूजन के साथ कराया जाएगा कन्या भोज
रविवार को महाअष्टमी के अवसर पर नगर की कुलदेवी महामाया मंदिर और शीतला माता मंदिर में सुबह आठ बजे से हवन-पूजन शुरू होगा। इसके अलावा दादाबाड़ा मां दुर्गा पंडाल में दोपहर 3 बजे से हवन-पूजन का कार्य शुरू होगा । इसके अलावा भीमखोज खल्लारी मंदिर में सुबह 10 बजे से , घुंचापाली चंडी मंदिर में नवमीं के दिन पूर्णाहूति के साथ कन्या भोज और महाप्रसादी दी जाएगी। शहर के अधिकांश पंडाल में महाअष्टमी के दिन हवन-पूजन रखा गया है।
शहर में गरबा की धूम, भक्ति गीतों पर झूम रहे भक्त
नवरात्रि में पूरे शहर में जगह-जगह गरबा का आयोजन हो रहा है। शहर में गरबा की शुरूआत गुजराती समाज ने की थी। गुजराती समाज पिछले 50 सालों से शहर में गरबा का आयोजन करते आ रहा है। लेकिन, बीते कई वर्षों से शहर के सिटी स्पोर्टस क्लब, आदर्श स्कूल प्रागंण, यतियतन आश्रम, दसमेश किराया भंडार, अशोक वाटिका, बिजली आॅफिस के पीछे मैदान एवं गुजराती पारा आदि स्थानों पर रास गरबा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें हजारों युवक-युवती सहित हर उम्र के लोग हिस्सा ले रहे हैं। यहां पारंपरिक गीतों में पारंपरिक व आधुनिक परिधानों में गरबा करने पहुँच रहे हैं।



