महासमुंद। शारदीय नवरात्रि पर रविवार को खल्लारी, घुंचापाली चंडी मंदिर, बिरकोनी चंडी मंदिर, शहर के महामाया मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में आस्था की मनोकामना ज्योत प्रज्वलित होंगी इसके साथ ही नवरात्र उत्सव शुरू हो जाएगा। हर साल की तरह इस साल भी जिला मुख्यालय में यह उत्सव खास होने वाला है। जहाँ एक तरफ समितियां पंडालों को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं वहीं मूर्तिकार भी मां दुर्गा की प्रतिमा को सजाने संवारने में पिछले कई दिनों से दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मूर्तिकार राजेश चक्रधारी ने बताया कि इस साल शहर सहित ग्रामीण इलाकों की 22 मूर्तियों का आर्डर मिला था जो लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। बस माता को सजाने संवारने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि गणेश उत्सव के बाद से बे मौसम बारिश न होने से इस बार प्रतिमा बनाने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई। मूर्तिकार उमेश बघेल ने बताया कि इस बार पिछले साल से अधिक मूर्तियों का आर्डर मिला है जिसे तैयार करने पूरा परिवार दिन-रात मेहनत कर रहा है। बता दें कि शहर, ग्रामीण अंचल व स्थानीय कुम्हार पारा में दर्जन भर से अधिक परिवार मूर्ति व अन्य मिट्टी की चीजें बनाने जुटा है। श्री गणेश उत्सव और नवरात्रि में प्रतिमा निर्माण इनका मुख्य व्यवसाय है और सालभर की कमाई एक जरिया भी। इस बार फिर शहर के दादाबाड़ा मुख्य आकर्षण का केन्द्र होगा। यहाँ इस बार केदारनाथ की झांकी तैयार की जा रही है जिसे बनाने के लिए कोलकाता के कलाकार पहुंचे हैं। झांकी का काम अंतिम चरण में है। दादाबाड़ा के अलावा शहर के पुराना रायपुर नाका, अम्बेडकर चौक, लोहिया चौक, बीटीआई रोड व शहर के 22 स्थानों में माता जी की प्रतिमा की स्थापना होगी और आने वाले दस दिनों तक मां अम्बे की पूजा-अर्चना के साथ जसगीतों से अंचल भक्ति में सराबोर होगा। इधर, हाईस्कूल मैदान में भी हर बार की तरह डांडिया की तैयारी जोरों पर है। पिछले क ई सालों में शहर में डांडिया का क्रेज बढ़ा है पहले केवल सिटी स्पोर्ट्स और गुजराती समाज द्वारा डांडिया का आयोजन कराया जाता था पर अब शहर के दर्जन भर स्थानों पर डांडिया का आयोजन हो रहा है।



