रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने तैयारियां शुरू
महासमुंद (संवाद साधना)। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत महासमुंद स्टेशन का कायाकल्प करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। रेल्वे स्टेशन के इस अपडेशन के लिए यहाँ के 54 पेड़ों को काटा जाएगा जिसके लिए सहायक अनुविभागीय अभियंता, ईस्ट-कास्ट रेल्वे ने अनुमति मांगी है।
बता दें कि देश में आम आदमी को रेल्वे की बेहतर कनेक्टिविटी और स्टेशनों पर हाईटेक सुविधाएँ देने के लिए रेलवे लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में विगत 6 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ देशभर के 508 रेल्वे स्टेशनों का कायाकल्प करने के लिए अमृत भारत स्टेशन स्कीम का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया था। जिसमें महासमुंद सहित संबलपुर डिवीजन के 11 रेल्वे स्टेशनों की सूरत बदलने वाली है।भारतीय रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए हाल ही में अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की गई है। यह योजना स्टेशनों के लंबे समय के विकास की परिकल्पना पर आधारित है। इस योजना के तहत महासमुंद रेल्वे स्टेशन को करीब 15.90 करोड़ रुपए की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा। जिससे स्टेशन आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट के पास खड़ा जैसा एहसास हो। स्टेशन को हाईटेक बनाने में करीब तीन साल लगेंगे। इन तीन साल के अंदर में स्टेशन का कायाकल्प किया जाएगा। जिसका काम अब स्टेशन में शुरू हो गया है।
स्टेशन परिसर के 54 पेड़ काटे जाएंगे
जानकारी के अनुसार अमृत भारत योजना के तहत सबसे पहले स्टेशन के बाहर मशीनों की मदद से पुराने पोल और पेड़ों को हटाया जाएगा। जसके लिए स्टेशन परिसर में लगे 54 पेड़ काटे जाएंगे जिसमें महानीम के 30, माहुल 5, शिमेल 3, पोटाश 3, सागौन 5 , बेल 1 और विशाल पेड़ों में पीपल के 2 व नीम के 5 पेड़ काटे जाएंगे। इसके लिए सहायक अनुविभागीय अभियंता, ईस्ट-कास्ट रेल्वे ने अनुमति मांगी है। मिली जानकारी के अनुसार यात्री सुविधाओं के उन्नयन कार्यों में स्टेशन तक पहुंच मार्ग, स्टेशन में प्रवेश और बाहरी निकास द्वार अलग अलग बनाया जाएगा व स्टेशन परिसर का विकास, प्लेटफार्म शेल्टर, स्टेशनों के एलईडी नेम बोर्ड, स्टेशन परिसर में पर्याप्त लाइटिंग, सौंदर्यीकरण, सीसीटीवी कैमरा, दिव्यांग फ्रेंडली टॉयलेट, पार्सल के लिए जगह सभी व्यवस्थित किया जाएगा।
क्या सुविधाएं मिलेगी
रेल्वे स्टेशन के अपडेशन के बाद यहाँ हाइटेक यात्री प्रतीक्षालय, बुकिंग काउंटर की व्यवस्था की जाएगी। स्टेशन के प्रत्येक प्लेटफार्म को अपडेट कर वहां लाइटिंग की व्यवस्था हाईटेक पार्किंग व्यवस्था, फूड स्टॉल की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों के लिए स्टेशन में एक्सीलेटर बनाया जाएगा। साथ ही वाहनों के आने-जाने के लिए अलग-अलग सड़कें बनाई जाएंगी। स्टेशन के मुख्य द्वार में गार्डन व आकर्षक फव्वारा लगाया जाएगा। स्टेशन आने-जाने के लिए मालधक्का की ओर से रोड बनाया जाएगा।
सुविधाओं की कमी से जूझ रहा
रेलवे स्टेशन जिला मुख्यालय होने के बाद भी यात्रियों की मूलभूत आवश्यकताओं की कमी से जूझ रहा है। यहां न तो दिव्यांगों के लिए रैंप है, न ही उनके लिए स्टेशन में आने-जाने के लिए कोई गाड़ी चलती है। सुव्यवस्थित टॉयलेट भी नहीं है। इसके अलावा सामान्य यात्रियों के लिए भी न तो स्टेशन में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां है और न ही उचित स्थान पर पंखा आदि की व्यवस्था है। प्लेटफार्म नंबर दो पर यूरिन की भी सुविधा नहीं है।



