मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड में प्रदर्शनकारियों पर थप्पड़ बरसाने वाले SSP अविनाश पांडेय पर सपा नेता ने मारपीट के आरोप लगाए हैं। सपा नेता डॉ. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने दावा किया कि SSP ने उन्हें अपने चैंबर में गालियां दीं। बुरी तरह से मारा-पीटा। अपने बूट से ताबड़तोड़ वार किए। उन्हें अंदरूनी चोटें आईं और उनकी एक आंख भी सूज गई।
दिग्विजय ने शुक्रवार को सपा विधायक अतुल प्रधान के आवास पर चोटिल आंखों पर पट्टी बांधकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अपने घाव दिखाकर फूट-फूटकर रोए। कहा- हमें नहीं पता था कि SSP हमसे नफरत पालकर बैठे थे। उन्होंने हमें तब तक पीटा, जब तक हम बेहोश नहीं हो गए। इंस्पेक्टर सिविल लाइन अखिलेश गौड़ हमें होश में लाकर बार-बार बर्बरता करते रहे।
उन्होंने बताया-
पुलिसवालों ने मोबाइल पर गाना बजाया- ‘चोली के पीछे क्या है…।’ हमसे बार-बार इस गाने पर नाचने को कहा। हम खड़े भी नहीं हो पा रहे थे, फिर भी हमें नचवाया जा रहा था। सब हम लोगों पर हंस रहे थे। हम हाथ जोड़ रहे थे, लेकिन किसी को तरस नहीं आया।
हालांकि, मेरठ पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं। उनको चोटें स्कूटी से गिरने की वजह से आई हैं। इस बीच, एडीजी मेरठ भानु भास्कर ने सहारनपुर DIG अभिषेक सिंह को मामले की जांच सौंपी है। इससे पहले, गुरुवार देर रात SSP अविनाश पांडेय को हटाकर पुलिस हेडक्वॉर्टर से अटैच कर दिया गया था।
नेता ने SSP और इंस्पेक्टर पर क्या आरोप लगाए-
भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी ने बताया कि 19 अगस्त को मैं और हमारे जिलाध्यक्ष मोहित SSP अविनाश पांडेय से मिलने गए थे। ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन मामले में पुलिस ने हम 8-10 लोगों को जेल भेज दिया था।
हमारी कोई गलती नहीं थी और न ही हम प्रोटेस्ट में शामिल थे। इसलिए हम कप्तान साहब से अपनी बात रखने गए थे। जब हम SSP से मिले, तो वे भड़क गए।
अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहने लगे- “40 रुपए का कुर्ता-पायजामा पहनकर नेता बन जाते हैं, हमसे टकराएंगे?” जब हमने गाली देने का विरोध किया, तो एसएसपी अपने चैंबर में खींचकर ले गए और लात-घूसों, जूतों से हमारी पिटाई कर दी।
इसके बाद सिविल लाइंस प्रभारी अखिलेश गौड़ से कहा कि देखते हैं कितनी खातिरदारी कर पाते हो। फिर वो हमें एसओजी (SOG) दफ्तर ले गए। बंद कमरे में हम दोनों के हाथ-पैर बांधकर डंडों से पिटाई की। रात 2 बजे जब अतुल प्रधान पहुंचे, तब हमें छोड़ा गया। शर्त रखी गई कि अगर मीडिया में बात आई, तो इससे बुरा हाल किया जाएगा।
‘SSP हमारे एनकाउंटर की योजना बना चुके थे’
दिग्विजय भाटी ने रोते हुए कहा- 8 जुलाई के प्रदर्शन में हम लोग शामिल नहीं थे, फिर भी हमें टारगेट किया गया। एक गरीब परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे आए थे। ऐसा ही अगर होता रहा, तो कोई भी किसी भी जरूरतमंद की मदद के लिए आगे नहीं आएगा।
मोहित जाटव ने कहा कि वह अपने समाज के नेता हैं। ऑफिस जाने से पहले उनकी पुलिस अफसर से फोन पर बात हुई थी। जिस तरह का व्यवहार फोन पर था, उस तरह का व्यवहार सामने बिल्कुल नहीं था। SSP हमारे एनकाउंटर की योजना बना चुके थे। उन्होंने पुलिसवालों से कहा था कि एक गोली मेरे मारो और फिर इनका एनकाउंटर कर दो। मैं सब देख लूंगा।
सपा विधायक बोले- SSP मानसिक रूप से बीमार
- सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा- जो बर्बरता SSP और इंस्पेक्टर ने की, वह चिंताजनक है। सरकार को पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज करना चाहिए। जिस तरह का कृत्य एक जिम्मेदार पद पर बैठने के बाद SSP ने किया, उससे साफ पता चलता है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं। सरकार को उनका उपचार कराना चाहिए।
- सपा विधायक ने कहा कि इस पूरे कृत्य को अंजाम देने के बाद दिग्विजय और मोहित से जबरन लेटर लिखवाया गया। उसमें लिखा था कि उनका स्कूटी से एक्सीडेंट हुआ है। जबकि, ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। एसएसपी के पास अगर इसका कोई साक्ष्य है, तो पेश करें। उनकी बर्बरता का सबूत उनके दफ्तर में लगे CCTV में मौजूद है।
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अखिलेश बोले- किसान का अपमान, देश का अपमान
- सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा ने किसान के मुंह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है, वो माफी लायक नहीं है। इससे पता चलता है कि हार के डर से वो कितनी बौखलाई है।
- नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा- पुलिस हिरासत में हुई बर्बरता कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल करने वाली हैं। यह पुलिसिंग नहीं, वर्दी की ताकत का खुला दुरुपयोग और हिरासत में यातना है।
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दिग्विजय पर मेरठ-अमरोहा में 10 और मोहित पर 7 मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक, दिग्विजय सिंह भाटी पुत्र रघुराज सिंह निवासी चमरवा (संभल) और मोहित जाटव पुत्र सुरेश सिंह निवासी किनानगर (मेरठ) के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। दोनों अपने-अपने थानों के हिस्ट्रीशीटर हैं। दिग्विजय पर मेरठ और अमरोहा में 5-5 और मोहित पर मेरठ में 7 मामले दर्ज हैं।



