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फसलों के लिए कोडार से छोड़ी जा रही ‘संजीवनी’

अब तक छोड़ा जा चुका दो फीट पानी

महासमुंद( संवाद साधना)। धान सहित अन्य फसलों को लेकर चिंतित किसानों को कोडार से पानी छोड़े जाने से राहत मिली है। कोडार जलाशय से पानी छोड़ने की मांग के बाद 14 अगस्त से कोडार जलाशय के बांए और दांए नहर से प्रतिदिन 450 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिसका लाभ जलाशय अंतर्गत 50 गांवों के किसानों को मिल रहा है।
बता दें कि अगस्त में अल्पवर्षा और खण्डवर्षा से केवल बारिश या कोडार के पानी पर निर्भर रहने वाले किसान चिंतित थे। मानसून की देरी के बाद किसानों ने बोआई और रोपाई शुरू  की थी। बोआई और रोपाई के बाद पर्याप्त बारिश न होने से अच्छी पैदावार को लेकर किसानों को चिंंता सताने लगी थी। किसानों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारी से कोडार से पानी छोड़ने की मांग की। बाद कोडार के बांए व दांए तट से 14 अगस्त से प्रतिदिन 450 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा रहा है। जानकारी के अनुसार 30.5 फीट जल भराव वाले कोडार जलाशय में पानी छोड़ने से पूर्व 27.5 फीट जल भराव था जो अब घटकर 25.8 फीट हो गया है। विगत सोलह दिनों में कोडार से लगभग दो फीट पानी छोड़ा जा चुका है।
महासमुंद में सर्वाधिक, सरायपाली में अल्प बारिश
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 10 दिनों में जिले में नाम मात्र बारिश  हुई है। एक जून से 18 अगस्त तक  महासमुंद में  902.6 मिमी व 29 अगस्त तक  959.8 मिमी बारिश हुई। यानि दस दिनों में मात्र 57.2 मिमी ही बारिश हुई। इसी प्रकार  पिथौरा में 718.9 मिमी  से बढ़कर 743.6 मिमी यानि 24.7 मिमी, सरायपाली में 711.9 मिमी से बढ़कर 724.3 मिमी यानि 12.4, बागबाहरा में 646.9 मिमी से बढ़कर 678.3 मिमी यानि 31.4 मिमी और बसना 642.8 मिमी से बढ़कर 661.3 मिमी यानि मात्र 18.5 मिमी बारिश अब तक रिकॉर्ड की गयी है ।

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