9 मार्च 2021 को निर्माण के लिए किया गया था भूमिपूजन
महासमुंद। खल्लारी मातेश्वरी पहाड़ी में माता दर्शन के लिए इस बार भी श्रद्धालुओं को 981 सीढियां चढ़नी पड़ेगी। खल्लारी में पर्यटन को बढ़ावा देने, श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहाँ भी डोंगरगढ़ की तर्ज पर रोप-वे (उड़न खटोला) का काम पिछले तीन साल से चल रहा है। लेकिन, रोप-वे के माध्यम से श्रद्धालुओं व पर्यटकों को इस बार भी नवरात्रि में सुविधा मिलती नजर नहीं आ रही है।
बता दें कि खल्लारी पहाड़ी में विराजित खल्लारी माता के दर्शन के लिए लगभग 10 करोड़ की लागत से बनने वाले रोप-वे के निर्माण के लिए 9 मार्च 2021 को भूमिपूजन किया गया था। जिसका काम अब अंतिम चरण में है, बीच-बीच में इसका ट्रायल भी किया जा रहा है। खल्लारी में रोप-वे निर्माण के बाद यह जिले का पहला और राज्य का दूसरा रोप-वे होगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सिर्फ डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी के दर्शनार्थियों को यह सुविधा मिल रही है। खल्लारी में हो रहे रोप-वे का निर्माण कार्य कोलकाता की एक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। मालूम हो कि खल्लारी माता मंदिर तक रोप- वे निर्माण के क ई वर्षों तक मंदिर समिति सहित यहाँ के ग्रामीण व तारेश साहू ने संघर्ष किया। तारेश साहू बताते हैं कि खल्लारी मातेश्वरी पहाड़ी में माता दर्शन के लिए रो-वे निर्माण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह, खल्लारी के विधायक व वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व विधायक से कई बार पत्राचार किया गया । पत्राचार के अलावा मुलाकात कर रोप-वे निर्माण की मांग की गई थी। जानकारी के अनुसार रोप-वे निर्माण स्थान से पहाड़ी की 300 मीटर ऊंचाई पर यहां से चार ट्रॉलियां चलेंगी जिसमें कुछ ही मिनटों में 16 लोग रोप-वे से आना-जाना कर सकेंगे। हर ट्रॉली में चार लोग बैठ सकेंगे। इस रोप-वे का पहला छोर खल्लारी के ढेकानारा तालाब के करीब से शुरू होकर पहाड़ी ऊपर भंडारा स्थल के करीब अन्नपूर्णा माता मंदिर तक रहेगा। इसके बाद भी मंदिर तक श्रद्धालुओं व पर्यटकों को करीब 50 सीढ़ी और चढ़नी होगी। पहाड़ी की रोप-वे निर्माण स्थल से ऊंचाई 130 मीटर है। जानकारी के अनुसार यहां पहाड़ी वाली मां खल्लारी मातेश्वरी मंदिर की दूरी प्रथम सीढ़ी से पहाड़ी स्थित मंदिर तक करीब 1672 फीट है। यहाँ पहुचने वाले श्रद्धालुओं को पहाड़ी में माँ खल्लारी के दर्शन के लिए वर्तमान में 981 सीढ़ियों चढ़नी पड़ती है।
रोप-वे शुरू होने से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
प्रतिवर्ष माँ खल्लारी के दर्शन के लिए राज्य के कोने-कोने से लाखों भक्त नवरात्रि और मेले में यहाँ पहुंचते हैं। रोप-वे शुरू होने से खल्लारी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।नवरात्रि व खल्लारी मेला में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। खल्लारी में प्रमुख रूप से दर्शनीय स्थलों में ऐतिहासिक स्वामी जगन्नाथ मंदिर, भव्य काली माता मंदिर, माँ कर्मा माता मंदिर, श्री गणेश मंदिर, भगवान शंकर-पार्वती मंदिर, श्री हनुमान मंदिर, श्रीराधा-कृष्ण मंदिर, श्री शिव मंदिर, श्रीराम-जानकी मंदिर, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर हैं। इसके अलावा यहां खल्लारी मातेश्वरी की पहाड़ी में श्री गणेश मंदिर, अन्नपूर्णा देवी माता मंदिर, श्री हनुमान, भैरो बाबा, शंकर भगवान, भागीरथी, सुरंग में दन्तेश्वरी माता, शेर गुफा, भीम डोंगा, भीम का पांव, चूल्हा, हाथीपथरा, सिद्ध बाबा, विशाल डोंगापथरा, श्रीराम-सीता, श्री लक्ष्मण और केंवट की मूर्ति, बंजारा पथरा आदि के दर्शन होते हैं।



