महासमुंद। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण एक बार फिर सर्दी-खांसी, इंफेक्शन की शिकायत बढ़ने लगी है। खासकर छोटे बच्चे इससे अधिक पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में हर रोज ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में अधिकांश सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ितों की संख्या अधिक है।
त्योहार के बाद से मौसम में आए बदलाव के कारण पिछले कुछ समय से मेडिकल कॉलेज के साथ निजी क्लीनिक में मौसमी बीमारी की शिकायत लेकर आने वालों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों के मुताबिक आने वाले ज्यादातर बच्चे वायरल इंफेक्शन का शिकार हो रहे हैं। लक्षण के आधार पर दवा के साथ उन्हें एंटीबायोटिक दवा की आवश्यकता भी पड़ रही है। चिकित्सकों को कहना है कि ठंड के मौसम में बच्चों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के साथ वे अधिक संवेदनशील होते हैं। अधिक उम्र के लोगों में यह समस्या कम है, मगर आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने पर शिकायत भी बढ़ सकती है। बीमारी ठीक होने में तीन-चार दिन लग रहा है। मौसम में होने वाले बदलाव का विपरीत असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। ठंड के मौसम की शुरूआत हो चुकी है और लोगों में सदीं-खांसी की समस्या बढ़ने लगी है। इसका ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है। खानपान में होने वाली थोड़ी चूक के बाद वे बीमार पड़ रहे हैं और उन्हें ठीक होने में तीन-चार दिन का वक्त लग रहा है,इनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती भी किया जा रहा है।
प्रतिदिन 450 से 500 मरीज पहुँच रहे ओपीडी
जानकारी के अनुसार त्योहार के बाद से ही पिछले हफ्ते भर से हर दिन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 450-500 मरीज पहुँच रहे हंै जिनमें से अधिकांश सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। इधर, शहर सहित जिले में शासकीय तथा निजी अस्पतालों में मौसमी बीमारी की संख्या बढ़ रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
पिछले तीन दिन से मौसम का मिजाज कुछ बदला है। जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो अगले दो-तीन दिनों तक विक्षोभ का प्रभाव रहने वाला है। इस दौरान दक्षिण दिशा से आ रही हवा के प्रभाव से वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ सकती है।



