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Dial 112 News: डायल 112 के विस्तार की तैयारी, 450 से अधिक जवानों को मिला विशेष प्रशिक्षण

Dial 112 News:  दूसरा चरण शुरू होने से पहले आरक्षक तैयार, नवा रायपुर में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण संपन्न

Dial 112 News:  रायपुर, प्रदेश के 17 जिलों में डायल 112 सेवा के विस्तार की तैयारी जोरों पर है। इसी क्रम में रायपुर जिले के ग्राम तेन्दुआ-02 (सेक्टर-03) नवा रायपुर में 14 से 16 नवंबर तक तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट के 450 से अधिक आरक्षक और प्रधान आरक्षकों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य डायल 112 के स्टाफ को आपात स्थितियों में तेजी से और कुशलतापूर्वक कार्रवाई के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में वाहन संचालन, कॉल रिस्पॉन्स, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, महिला-सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशीलता और नागरिकों से संवाद कौशल जैसे विषयों पर फोकस किया गया। शिविर का संचालन डायल 112 के पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को सेवा में संवेदनशीलता, तत्परता और तकनीकी दक्षता के महत्व को समझाया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने भी फील्ड अनुभव साझा किए।

Dial 112 News:  इस जिले के पुलिसकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण में हिस्सा

इस प्रशिक्षण में बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर-रामानुजगंज, बेमेतरा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, जशपुर, कांकेर, कोण्डागांव, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, नारायणपुर, सुकमा, सूरजपुर और गरियाबंद जिलों से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।

Dial 112 News:  आपात प्रतिक्रिया प्रणाली की पूर्ण प्रक्रिया समझाई गई

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में उप पुलिस अधीक्षक केपीएस ध्रुवे तथा तकनीकी संस्था सी-डैक के विशेषज्ञ गौरव वर्मा ने ईआरयू वाहन में स्थापित पीएफटी (पोर्टेबल फील्ड टर्मिनल) के संचालन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में बताया गया कि नागरिकों द्वारा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा से संबंधित आकस्मिक घटनाओं में की गई 112 कॉल सीधे सी-4, सिविल लाइन्स रायपुर में प्राप्त होती है। यहां से कॉलर से पूछताछ कर निकटतम ईआरयू दल को तुरंत घटनास्थल के लिए भेजा जाता है। इस पूरी प्रणाली का नियंत्रण सी-4 सिविल लाइन्स रायपुर तथा जिलों के जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा किया जाता है।

Dial 112 News:  प्राथमिक उपचार और जीवन-रक्षक

द्वितीय सत्र में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार देने और आपात स्थिति में जीवन-रक्षक प्रक्रिया अपनाने पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय सडक़ संघ (आईआरएफ) के संयुक्त निदेशक अमित गुप्ता और उनकी टीम—विशाल पांडे, हर्ष पारिक और साहिल अब्बास ने विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। इस चरण में प्राथमिक उपचार की आवश्यकता, स्वर्णिम घंटा (गोल्डन आवर) का महत्व, मार्ग-दर्शक नागरिक कानून (गुड समैरिटन), गंभीर चोटों का प्रबंधन, रक्तस्राव रोकने की तकनीक, रीढ़ की सुरक्षा, लॉग रोल पद्धति, हेलमेट हटाने की सही प्रक्रिया, खपच्ची के उपयोग तथा मूल जीवन सहारा (बीएलएस) और हृदय-फुफ्फुस पुनर्जीवन (सीपीआर) जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया।

Dial 112 News:  अधिकारियों की उपस्थिति ने प्रशिक्षण को बनाया प्रभावी

इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक स्वाति मिश्रा, निरीक्षक राजेश चंद्र शाही, उप निरीक्षक सिन्धु साहू तथा डायल 112 के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इसे त्वरित सहायता सेवा को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित और सक्षम बनाने वाला अत्यंत उपयोगी प्रशिक्षण बताया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम से 17 जिलों की ईआरयू टीमें आगामी दिनों में शुरू होने वाली डायल 112 सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हो गई हैं, जिससे आपदा और आकस्मिक परिस्थितियों में नागरिकों को और भी तेज, सुरक्षित तथा भरोसेमंद सहायता मिल सकेगी।

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