घरेलू उपभोगता और व्यवसायिक उपभोगता हालकान, विभाग चला रहा हैँ अपना ही टेरिफ़

कोरबा (संवाद साधना )। कोरबा मे विद्युत विभाग के कारनामें किसी से छिपा नही है। भ्रष्टाचार के कीचड़ मे गले तक डूबे हुए अधिकारियो ने अपना नया फरमान जारी कर दिया जो लगभग शहरी जोन और ग्रामीण जोन मे काफ़ी समय से लागू है की एक हजार रूपये प्रति किलोवाट का नजराना दिए बगैर ना लाइन का सर्वे होता है ना कनेक्शन की फाइल आगे बढ़ती है। यदि उपभोगता जैसे तैसे कनेक्शन लेने मे सफल हो जाता है तो मैदानी कर्मचारी नया कनेक्शन जोड़ने के लिए उपभोगता से चायपानी के नाम पर पांच सौ रूपये का फटका अलग से लगा देते है कुल जमा उपभोगता को प्रति किलोवाट पंद्रह सौ का झटका लगाया जाता है।
ये तो हुआ घरेलू उपभोगता का दर्द,वही व्यवसायिक उपभोगता तो डर के मारे विद्युत विभाग की तरफ जाने से भी डरता है उसका फ़ायदा दलालनुमा अधिकारी, कर्मचारी उठा लेते है और कमर्शियल कनेक्शन वाले उपभोगता को जोर का झटका धीरे से लगा दिया जाता है। शिकायत करने पर महीनों कनेक्शन की फाइल को कुछ ना कुछ आपत्ति लगा कर महीनों रोक दिया जाता हैँ। इस भ्रष्टाचार के खेल मे सभी अधिकारी और कर्मचारी मलाई चाटने मे लगे हैँ।




