कृषि उपज मंडी में मतगणना की तैयारी पूर्ण
महासमुंद। तीन दिसंबर को मतगणना केन्द्र कृषि उपज मंडी में चारों विधानसभा के मतों की गिनती होगी। जिसकी पूरी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। सुबह सात बजे से मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। सबसे कम मतदान केंद्र होने के बावजूद महासमुंद विधानसभा का रिजल्ट सबसे अंत में आएगा। यहां प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने और प्रत्येक टेबल पर दो-दो मशीनें होने के कारण यह स्थिति बन रही है। जिले के सरायपाली क्षेत्र में सबसे कम प्रत्याशी होने के कारण जल्द परिणाम आने की संभावना है।
विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए पहले पोस्टल बैलेट गिने जाएंगे। इसके बाद 14-14 टेबलों में जिले चारों विधानसभा के मशीनों की बूथवार गिनती होगी। पिटियाझर कृषि उपज मंडी परिसर में मतगणना की तैयारियां पहले से शुरू हो चुकी हैं। वोटों की गिनती के लिए प्रत्येक विधानसभा में 14-14 टेबल ईवीएम के लिए और दो टेबल पोस्टल बैलेट के लिए-लगाए जाएंगे। तीन दिसंबर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना होगी। कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारियों की मौजूदगी में सुबह सात बजे स्ट्रांग रूम खोले जाएंगे। एक- एक विधानसभा की मशीनें उनके टेबलों तक पहुंचाई जाएंगी। स्ट्रांग रूम खोलने से लेकर मशीनों के पहुंचने तक एक-एक पल की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी। यह काम करीब आधे घंटे में खत्म कर लिया जाएगा। बाद 8.30 बजे ईवीएम मशीनों के लॉक खुलेंगे। इस दौरान जिले के आब्जर्वर, रिटर्निंग आफिसर, उम्मीदवार और उनके एजेंट मौजूद रहेंगे।
प्रत्याशियों के अपने-अपने दावे
बता दें कि जिले की चार विधानसभा सभा सीट में से तीन महासमुंद,खल्लारी और बसना में कांग्रेस भाजपा की सीधी टक्कर बताई जा रही है वहीं सरायपाली विधानसभा में भाजपा,कांग्रेस के अलावा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। जिले की जनता ने 53 प्रत्याशियों में किसे अपना अगला विधायक चुना है यह तो कृषि उपज मंडी में तीन लेयर की सुरक्षा में रखी इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में कैद है, पर अपनी-अपनी जीत को लेकर सभी प्रत्याशी पूरी तरह से आश्वस्त हैं। मालूम हो कि 17 नवंबर को प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान हुआ। जिसमें पूरे जिले की चार विधानसभा सीट महासमुंद, खल्लारी, बसना और सरायपाली के 1079 मतदान केन्द्रों में 81.52 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें महिलाओं की भागीदारी अधिक रही।
मोबाइल ले जाना होगा प्रतिबंधित
मतगणना स्थल पर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित किया गया है। इस बारे में किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। साथ ही बिना पहचान पत्र के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नामांकन के समय जो पहचान पत्र जारी किए गए थे, वे उसे दिखाकर मतगणना स्थल पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा मतगणना दल की नियुक्ति तीन बार रैंडमाइजेशन के बाद किया जाएगा। पहला रैंडमाइजेशन जिला निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में और दूसरा व तीसरा आब्जर्वर की मौजूदगी में किया जाएगा। प्रत्येक टेबल में राजपत्रित अधिकारी रैंक के एक सुपरवाइजर होंगे। इसके अलावा दो मतगणना अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।



