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मानसूनी बारिश पर लगा ब्रेक, खेतों में दरारें

किसान बोले : अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसलों को बचा पाना मुश्किल

महासमुंद। करीब पखवाडेÞभर से मानसूनी बारिश पर ब्रेक लगने व तेज गर्मी से खेतों में दरारें पड़नी शुरू हो चुकी है। इधर, बारिश न होने से गर्मी व उमस से लोग हलाकान हंै। किसानों की मानें तो आगामी दिनों में अगर अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को बचा पाना मुश्किल है। हालांकि कोडार के अंर्तगत आने वाले करीब 50 गांवों की फसल बचाने यहाँ से पानी छोड़ा जा रहा है।
बता दें कि अगस्त के आखिरी दिनों में अच्छी बारिश के बाद से अब तक जिले में सूखे के हालात हैं। खेतों में भरा पानी तेजी से सूख रहा है। वहीं जिले के कई हिस्सों में खतों में दरारें पड़नी शुरू हो चुकी है। इससे फसल मुरझाकर पीले पड़ चुके हैं। बारिश के अभाव में खासकर अर्ली वेरायटी के धान की फसल को ज्यादा नुकसान हो रहा है। क्योंकि, अर्ली वेरायटी के पौधों में बालियां निकलने का समय है और इस दौरान खेतों में पानी न होने से बालियां निकल नहीं पा रही हैं, बालियां निकल भी रही है, तो सूख जा रही है। बता दें कि थान के पौधों में बालियां निकलने के दौरान पर्याप्त पानी की जरूरत पड़ती है। जिले में एक जून के बाद से अब तक 739.4 मिमी बारिश हुई है। जो कुल औसत बारिश का 74.4 प्रतिशत है। जिले में अभी तक सबसे अधिक बारिश पिथौरा ब्लॉक में कुल 1032.4 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। वहीं, बसना में 883.5 मिमी,महासमुंद में 704.3 मिमी, बागबाहरा में 697.4 मिमी, सरायपाली में 604.3 मिमी और सबसे कम कोमाखान ब्लॉक  में 514.7 मिमी बारिश हुई है।
कोडार के दोनों छोर से छोड़ा जा रहा पानी
 बारिश न होने से किसानों द्वारा कोडार जलाशय से पानी छोड़ने की मांग लगातार उठ रही थी। बाद 21 अगस्त से एलबीसी और आरबीसी से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।  वर्तमान में कोडार के एलबीसी के अंतर्गत आने वाले 32 गांवों की फसलों की सिंचाई के लिए प्रतिदिन 300 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है वहीं आरबीसी के अंर्तगत आने वाले 18 गांवों की फसलों के लिए 150 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। अभी कोडार जलाशय में 21 फीट पानी शेष है।

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