‘अपनी नाकामियां छिपाने फुटपाथ व्यवसायियों को परेशान कर रहा प्रशासन’
महासमुंद। शहर में आएदिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार है, जो अपनी नाकामियां छिपाने के लिए फुटपाथ व्यवसायियों को बेवजह परेशान कर रहा है। आने वाले दिनों में यदि प्रशासन की ओर से शहर की यातायात व्यवस्था दुरूस्त नहीं की गई तो लघु फुटपाथ व्यवसायी संघ और बाइपास रोड निर्माण संघर्ष समिति सड़क की लड़ाई लड़ेगी।
आज प्रेस क्लब में लघु फुटपाथ व्यवसायी संघ के पंकज साहू ने कहा कि विगत दिनों नहेरू चौक में हुई राव दंपत्ति की सड़क दुर्घटना में मौत, इससे पूर्व इसी चौक पर शासकीय स्कूल की भृत्य श्रीमती कमलाबाई की मौत के जिम्मेदार शासन-प्रशासन हैं। उन्होंने कहा कि नगर के चौक-चौरहों में ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था का न होना, आएदिन सिग्नल बंद होना, सिग्नल पर टाईमर न होना, डिवाइडरों के विद्युत पोल पर अवैध होर्डिंग्स लगाकर प्रचार-प्रसार, शहर में वाहनों की गति सीमा का निर्धारण न होना, भारी वाहनों का दिनभर नगर में प्रवेश और स्टंट बाइकर्स पर कड़ी कार्रवाई न करने की परिणति है कि शहर में आएदिन सड़क दुर्घटना हो रही है। उन्होंने बताया कि गत दिनों बाइपास रोड संघर्ष समिति ने कलेक्टर को उक्त बातों का ध्यान आकर्षण कर उचित व्यवस्था की मांग की थी। बाजवूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे सड़क किनारे गरीब फुटपाथ व्यवसायियों को परेशान किया जा रहा है और उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है। जबकि शहर स्थित बड़ी-बड़ी दुकान मालिकों को पार्किंग व्यवस्था न होने पर केवल नोटिस दिया जा रहा है। श्री साहू ने बताया कि बाइपास निर्माण कार्य कछुवा गति से चल रहा है जिसके जिम्मेदार सांसद और विधायक हैं।
‘यातायात व्यवस्था दुरूस्त नहीं की गई तो सड़क की लड़ाई लड़ेंगे’
श्री साहू ने कहा पूर्व में नगर पालिका परिषद द्वारा फुटपाथ के लघु व्यवसायियों के व्यवस्थापन के नाम पर हजारों रुपए लिए गए पर आज तक न तो उन्हें जमा राशि की पूरी रसीद दी गई और न ही अनुबंध कराया गया। ऐसे में यहां लघु व्यवसायी फुटपाथ पर व्यवसाय करने मजबूर हैं। यदि शहर के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था, सिग्नल पर टाईमर और सुबह छह बजे से रात्रि 10 बजे तक भारी वाहनों का नगर प्रवेश वर्जित नहीं किया जाता है तो आने वाले दिनों में चरणबद्ध सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।



