नैला के भव्य दुर्गोत्सव ने खींचा श्रद्धालुओं का हुजूम, 35 फीट ऊंची प्रतिमा के दर्शन को दूर-दराज से पहुंच रहे लोग
अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बना करीब 140 फीट ऊंचा पंडाल, लेजर शो और विद्युत सज्जा ने बढ़ाई भव्यता
जांजगीर-चांपा। शाम ढलते ही जगमगाती रोशनी, गूंजते जयकारे और मां दुर्गा के दर्शन की लालसा में उमड़ते श्रद्धालुओं का हुजूम। घड़ी की सुइयां आधी रात पार कर जाती हैं, लेकिन न आस्था का उत्साह कम होता है और न ही भक्तों के कदम थमते हैं। कोई परिवार के साथ मां का आशीर्वाद लेने पहुंच रहा है, तो कोई बच्चों को लेकर इस अद्भुत नजारे को अपनी यादों में संजोने आया है। जिला मुख्यालय के नैला में इस वर्ष दुर्गोत्सव का नजारा कुछ ऐसा ही है, जहां भव्यता के बीच श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा है।
अग्रसेन भवन के सामने अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया करीब 140 फीट ऊंचा विशाल पंडाल आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पंडाल के भीतर स्थापित मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा के दर्शन के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों के साथ आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पंडाल की भव्य बनावट, मनमोहक विद्युत सज्जा और रात में होने वाला विशेष लेजर शो इस धार्मिक आयोजन को अलग पहचान दे रहा है। रात के अंधेरे में रंग-बिरंगी रोशनी से सजा पंडाल किसी भव्य मंदिर की तरह दिखाई देता है। लेजर शो और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था इसकी सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा के सामने पहुंचते ही श्रद्धालु कुछ पल ठहरकर दर्शन करते हैं, तो कई लोग इस भव्य दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने लगते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह दिखाई दे रहा है। रेलवे स्टेशन से लेकर प्रमुख सड़कों और पंडाल तक श्रद्धालुओं की आवाजाही देर रात तक बनी रहती है। आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के कारण पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल है। दुर्गोत्सव की भव्यता ने नैला को इन दिनों आस्था और उत्सव के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। नैला का दुर्गोत्सव केवल आकर्षक सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आयोजकों की मेहनत, कलात्मक कल्पना और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का भी प्रतीक बनकर सामने आया है। विशाल पंडाल की संरचना से लेकर विद्युत सज्जा और आधुनिक लेजर शो तक, हर व्यवस्था लोगों को आकर्षित कर रही है। यही वजह है कि मां के दर्शन के साथ पंडाल की भव्यता देखने के लिए भी लोग दूर-दराज से पहुंच रहे हैं। नवरात्रि के इस माहौल में पंडाल परिसर में श्रद्धा और उल्लास का अनूठा संगम दिखाई दे रहा है। मां के दरबार में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन केवल दर्शन का अवसर नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए गए यादगार पलों का हिस्सा भी बन रहा है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग मुस्तैद है। भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए हाईस्कूल मैदान, भांठापारा मैदान सहित अन्य खाली स्थानों पर व्यवस्था की गई है, ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति से बचा जा सके।
बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं। नैला का दुर्गोत्सव इस वर्ष धार्मिक आस्था, भव्य स्थापत्य और आधुनिक तकनीक के संगम के रूप में अपनी अलग छाप छोड़ रहा है। मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा, अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बना पंडाल और रोशनी का आकर्षक संयोजन लोगों को बरबस अपनी ओर खींच रहा है। देर रात तक सड़कों पर बनी रहने वाली श्रद्धालुओं की चहल-पहल इस आयोजन की लोकप्रियता को बयां करती है। मां के दरबार में उमड़ती भीड़, श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखाई देता उत्साह और चारों ओर गूंजते जयकारे नैला के दुर्गोत्सव को यादगार बना रहे हैं। यहां भव्यता केवल आंखों को आकर्षित नहीं करती, बल्कि मां के प्रति लोगों की अटूट आस्था और भावनात्मक जुड़ाव को भी जीवंत कर देती है।



