जांजगीर-चांपा। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (पाक्सो) ने मामले में फैसला सुनाया है। अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार 18 जून 2025 को थाना जांजगीर में पीडि़ता की मां ने अभियुक्त द्वारिका दास बैरागी के विरुद्ध इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि अभियुक्त ने उसकी नाबािलग पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अभियुक्त के विरूद्ध थाना जांजगीर में धारा 65 (2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 4 (2) पाक्को एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान पीडिता का कथन महिला पुलिस अधिकारी से कराया गया। तत्पश्चात अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (पाक्सो) के न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश रविन्दर कौर ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी द्वारिका दास बैरागी को दोषी पाया। आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 6 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताने का दण्डादेश जारी किया गया है। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अिभयोजक चंद्रप्रताप सिंह ने की।



