Latest Posts

कोरबा सांसद की प्रेस कॉन्फ्रेंस -निरंतर विकास के लिए मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर सीट बढ़ाने एवं एम.बी.बी.एस. की सीट बढ़ाने का प्रयास

कोरबा। प्रेस क्लब कोरबा के सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संरक्षक, सदस्य सहित पिंट, इलेक्ट्रोनिक, और वेब मीड़िया के सभी पत्रकार साथियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। और आशा करती हूँ कोरबा के नव निर्माण एवं समस्याओं के लिए आपकी पहल सराहनीय एवं प्रशंसनीय रहेगी।
मेरे प्रथम संसदीय एवं द्वितीय अभी तक के संसदीय कार्य काल में मेरे द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास एवं समस्याओं के संबंध में निरंतर प्रयास करती रही हूँ, रेल से संबंधित कोरबा, चिरमिरी, अंबिकापुर, बिलासपुर यात्री सुविधाओं, रेल के ठहराव, रेल के विस्तार, नयी यात्री गाड़ी चलाने के संबंध में लगातार दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे मंडल स्तरीय सांसदों की बैठक एवं लोकसभा के सदन पटल में उठाकर मांग पूरी करवाने का प्रयास किया है। कोरोना काल से बंद पड़ी गाड़ियों को पुनः बहाल करने हेतु अनेको पत्र जी.एम., डी.आर.एम., रेल मंत्री तक बातों को पहुंचाने के बावजूद रेल अधिकारी, रेल मंत्रालय, रेल बोर्ड कोरबा से कोई भी नयी यात्री गाड़ी देने के पक्ष में नहीं है ऐसा दिखता है। रेल्वे को आय का 80 प्रतिशत राजस्व देने के बावजूद जो कोरबा को वाजीब हक देना चाहिए केन्द्र सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा। कोरबा में रेल समस्याएं लगातार बढ़ रही है। मेरा सवाल है कि रेल्वे की प्राथमिकता केवल कोयला परिवहन तक सीमित क्यों दिखाई देती है। यात्री सुविधाओं, यात्री ट्रेनों पर उतना ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा। अभी तीजा, पोरा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान लोकन ट्रेनों को रद्द किया गया इससे हजारों माताओं बहनों को परेशानी हुई।
अगले महिने रेल मंत्री के बिलासपुर आगमन पर कोरबा रेल से संबंधित सभी समस्याओं को प्रमुखता से रखूंगी एवं अगले महीने मंडल स्तरीय सांसदों की बैठक के लिए प्रस्ताव मांगे गये थे जो कि मेरे द्वारा भेजे गये हैं। कोरबा जिले में भू-विस्थापितों की गंभीर समस्या है। हरदीबाजार, अमगांव, चुरैल, पाली, पड़नियां सहित अनेक गांव की जमीन एस.ई.सी.एल. द्वारा ली गई लेकिन मुआवजा, नौकरी, बसाहट देने के नाम पर ग्रामीणों की मांग पर उन्हें लाठियां खानी पड़ी। प्रभावित परिवारों के मकान को बल पूर्वक खाली कराया जा रहा है। एस.ई.सी.एल. नियम विरूद्ध कार्य किया जा रहा है। किसानों को जहां 15-20 साल गुजर जाने के बाद जमीन ली जा रही है उन्हें वर्तमान दर पर मुआवजा दिया जाना चाहिए था, नहीं दिया जा रहा है। बसाहट के नाम पर जहां सर्वसुविधायुक्त बसाहट दिया जाना चाहिए था नहीं दिया जा रहा है। नियमानुसार जब तक बसाहट नहीं दे दिया जाता तब तक किसानों/भू-विस्थापितों के घरों को नहीं तोड़ा जा सकता।
एस.ई.सी.एल. के कर्मचारियों जो मेड़िकल रूप से अनफिट हैं उनके आश्रितों को भी नौकरी नहीं दी जा रही है। विगत कई वर्षों से एस.ई.सी.एल. मेड़िकल बोड़ की बैठक ही नहीं हुई, जो एस.ई.सी.एल के कर्मचारियों के साथ अन्याय है। एस.ई.सी.एल. में बाहर से आई बड़ी-बड़ी ठेका कंपनियों में जहां स्थानीय बेरोजगारों एवं भू-विस्थापित परिवार के व्यक्तियों को रोजगार देना था आउट सोर्सिंग के माध्यम से लिया जा रहा है, जिससे यहां के ग्रामीण आक्रोशित हैं। एस.ई.सी.एल. से संबंधित मांगों को लेकर मेरे द्वारा अनेकों बार कोयला मंत्री एवं चेयरमेन श्री अनुराग ठाकुर के समक्ष मीटिंग में यहां की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। लेकिन केन्द्र सरकार भू-विस्थापितों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। मैं भू-विस्थापितों की लड़ाई में उनके साथ हूँ।
मेरे द्वारा हमेशा से प्रयास किया जाता रहा है कि कोरबा के आस-पास के धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाये, जिसमें कनकी, चैतुरगढ़, कुदुरमाल, मड़वारानी, अनुमानगढ़ी, कोसगई, मातीन दाई को पर्यटन स्थल का दर्जा देने प्रयासरत हूँ। कुछ जगह विभिन्न निधि के माध्यम से मेरी अनुसंशा पर कार्य कराये गये हैं। कोरबा में यातायात एक गंभीर समस्या है, जिसको लेकर पूर्व में मेरे साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुनालिया अंडर ब्रिज की मांग रखी लेकिन इसके निर्माण में विलंब किया जा रहा है, जो कि समझ के परे है। मेरे द्वारा दिनांक 16.09.2026 दिशा की बैठक में कलेक्टर से इस दिशा में उचित पहल करने हेतु कहा।
कोरबा के निरंतर विकास के लिए मेरे द्वारा मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर सीट बढ़ाने एवं एम.बी.बी.एस. की सीट बढ़ाने का प्रयास किया जो कि सार्थक रहा। कोरबा में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है, जिसको लेकर संबंधित मंत्री को पत्र लिखा गया। मेरी पहल पर दीपका में एक डस्ट रिमूविंग मशीन के द्वारा रोड़ प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। कोरबा के बाद मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की दिशा में रास्ता साफ होना भी महत्वपूर्ण कदम है, मेरा प्रयास रहेगा कि मेरे लोकसभा क्षेत्र में तीन जिलों में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो। गौरेला, पेण्ड्रा, मरवाही में भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए लगातार प्रयासरत हूँ, जिससे लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके।
कोरबा में ई.एस.आई.सी. हॉस्पिटल जो बनाया गया जो मात्र एक रिफर सेंटन बन कर रह गया है। डॉकर सहित नर्स स्टाफ एवं अन्य पद खाली हैं ध्यान अवाकर्षित कराने के बावजूद यहां पर रिक्त पदों पर भर्ती नहीं किया जा रहा है जो एक चिंता का विषय है। केन्द्र सरकार को इस पर भी ध्यान देना चाहिए लेकिन सरकार गंभीर नहीं है।
कोरबा जिले कि डीएमएफ फंड राशि का उपयोग प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा किया जाना चाहिए इस विषय में कलेक्टर से चर्चा हुई है। कोरबा की सड़कों की स्थिति, उपनगरों एवं ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति भी चिंता का विषय है। कल दिशा समिति की बैठक में कलेक्टर महोदय से इस विषय में चर्चा हुई, उन्होंने सड़कों के सुधार एवं नये निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का निर्णय लिया। प्रधान मंत्री जी के जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं लेकिन लोकतंत्र में शुभकामनाओं के साथ सवाल पूछना भी विपक्ष और जनप्रतिनिधियों का अधिकार है। महंगाई, रोजगार, पेट्रोल डीजल की कीमतें, किसानों और आम आदमी की समस्याओं पर भी सरकार को गंभीरता से जवाब देना चाहिए। मेरी शुभकामनाएं अपनी जगह है और जनता के सवाल अपनी जगह। छत्तीसगढ़ सरकार से भी मेरा सवाल है, सरकार के काम काज को लेकर जनता के बीच कई सवाल हैं। सरकार साय-साय चल रही है या नहीं चल रही है इसका जवाब जनता को देना है। सरकार के मंत्री, विधायक और भाजपा के नेता खुद बताऐ कि जमनी पर सरकार की योजनाओं और घोषणाओं का कितना असर दिखाई दे रहा है। आम जनता परेशान एवं बेहाल है।

Latest Posts

Don't Miss