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इंस्टाग्राम पर फरसा लहराकर लोगों को दे रहा था धमकी, रील बनाकर खौफ फैलाने वाले ‘रीलबाज’ को पुलिस ने दबोचा

कबीरधाम के पंडरिया में इंस्टाग्राम पर धारदार फरसा लहराकर धमकी भरी रील पोस्ट करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुलेआम फरसा लेकर घूमकर लोगों को डरा-धमका रहा था।

कबीरधाम जिले की पंडरिया पुलिस ने सोशल मीडिया पर धारदार हथियार लहराकर खौफ फैलाने और लोगों को धमकाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्टाग्राम पर हथियार के साथ धमकी भरी रील बनाकर पोस्ट करता था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा और उसके पास से एक धारदार फरसा बरामद किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश कर दिया है।

इंस्टाग्राम पर हथियार के साथ बनाता था रील
पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर को पंडरिया थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक क्षेत्र में खुलेआम धारदार फरसा लेकर घूम रहा है। वह राहगीरों और स्थानीय निवासियों को डरा-धमका रहा है। पड़ताल में सामने आया कि वार्ड नंबर-3, गोपीबंदपारा निवासी हेमंत कुमार धावलकर (27) इंस्टाग्राम पर धारदार हथियार के साथ रील बनाकर अपलोड कर रहा था। इस रील के जरिये वह पंडरिया आने वाले लोगों को खुलेआम धमकियां दे रहा था। सोशल मीडिया पर हथियार लहराने का वीडियो प्रसारित होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की।
शराब भट्ठी के पास से आरोपी गिरफ्तार
उप पुलिस अधीक्षक भूपत सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम ने आरोपी की कुकदूर मार्ग स्थित शराब भट्ठी के पास घेराबंदी की। वहां आरोपी हाथों में फरसा लहराते हुए आम लोगों को डरा-धमका रहा था। पुलिसकर्मियों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से हथियार रखने और परिवहन करने से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। इस संबंध में उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 94 के तहत नोटिस दिया गया।
आर्म्स एक्ट और बीएनएस के तहत कार्रवाई
पुलिस नोटिस का जवाब देने और हथियार का वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत करने में आरोपी पूरी तरह विफल रहा। पुलिस ने मौके पर ही फरसा जब्त कर लिया। पुलिस ने आरोपी हेमंत कुमार धावलकर के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत अपराध पंजीकृत किया। आरोपी को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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