हापुड़। हापुड़ में बदनौली गोलीकांड ने पुलिस की कार्रवाई पर सवालों के बीच रविवार को गंभीर मोड़ ले लिया। गोली लगने से घायल दलित युवक दीपक की मेरठ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतक युवक का फाइल फोटो। जागरण
पांच आरोपी गिरफ्तार
वहीं, दीपक की मौत की सूचना मिलते ही दलित समाज में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान संदीप सिंह समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, दलित पक्ष की ओर से 33 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

गांव में तनाव बरकरार
दीपक की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही मामले में नामजद और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की चुनौती बढ़ गई है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
ADG के निर्देश पर एसआईटी गठित
उधर, अधिकारियों की ओर से दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। गोलीकांड में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों की जांच के लिए एडीजी के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई है।
पुलिस कार्रवाई की पड़ताल करेगी SIT
टीम घटना से पहले और बाद में पुलिस की कार्रवाई की पड़ताल करेगी। यह भी देखा जाएगा कि विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए, मौके पर पहुंचने में कोई देरी हुई या नहीं और घटना के बाद घायलों को उपचार दिलाने में किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
एसआईटी को 3 दिन में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। दीपक की मौत के बाद अब एसआईटी की जांच और पुलिस की कार्रवाई दोनों पर निगाहें टिक गई हैं। वहीं, ग्रामीणों में घटना को लेकर अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।



