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बिजली विभाग मे हो रहे टेंडर घोटाले का मास्टर माइंड कौन?मेलोड़ी खाओ खुद जान जाओ

कोरबा बिजली विभाग को चला रहे ठेकेदार

ये जो टेंडर निरस्त किया गया
पुनः अपलोड किया हुआ टेंडर

कोरबा (संवाद साधना)। विद्युत वितरण विभाग का हाल यह हो गया हैं कि अब यहाँ कि बागडोर एक ठेकेदार के हाथ मे चले गई है और अधिकारी उसके हाथ कि कठपुतली बन गए है वह जैसा नाच नाचता है वैसा अधिकारी नाचते है। वाक्या है कि दिनांक 24 मार्च 2026 को एक ई टेंडर कोरबा सर्किल मे अपलोड किया जाता है, टेंडर  क्रमांक -11-03/cw/2026-27/Tr no. 468/8100051132 dtd. 24/04/2026 जिसके खुलने कि तिथि 15/05/2026 रखी गई थी जिसका एस्टीमेट क्रमांक 76-3306-061-25-0092 दिनांक 02/02/2026 एस्टेमेट अमाउंट 1024746 SOR 2025-26 था कार्य करने के लिए योग्य ठेकेदार क्लास 3 और उससे ऊपर रखा गया कार्य 60 दिनों के अंदर करना था साथ हीं मे. मुख्य कार्यपालन अधिकारी सी ई आर एल रायपुर के नाम से ग्राम भैसमा मे बी.पी. क्रमांक 1010367690 मे 24 किलोवाट,टेंडर मूल्य 658221, टेंडर फीस 2000, का कनेक्शन कार्य किया जाना है यह तो हो गया कार्य का नाम,जिसे जी के इलेक्ट्रिकल को एल 1 पाया गया और एल 2 कटघोरा के कव्वाल इलेक्ट्रिकल को मिला। बस खेल यही से शुरू हो गया मज़े कि बात यह है कि जी के इलेक्ट्रिकल 25 प्रतिशत बिलो रेट मे कार्य डाला जबकि कव्वाल इलेक्ट्रिकल ने 17 प्रतिशत। एल 1 ठेकेदार जी के इलेक्ट्रिकल को बिना कारण बताये टेंडर निरस्त कर दिया गया जो सक्षम अधिकारी के हाथ मे होता है कि बिना कारण बताये टेंडर निरस्त कर सकता है। फिर भी काफ़ी मान मन्नौवल कि बाद उसको पता चलता है कि वह उस कार्य को करने योग्य नही है उसका क्लास 3बी है इस लिए टेंडर निरस्त कर दिया गया है। सम्बंधित ठेकेदार भी बिना विरोध किया रहा जाता है कि आखिर आगे काम भी करना है “पानी मे रह कर मगरमच्छ से दुश्मनी करना ठीक नही “। मज़े कि बात यह है कि उसी टेंडर को दिनांक 20/05/2026 पुनः जारी किया जाता है और जिस तकनिकी समस्या का हवाला के कर जी के इलेक्ट्रिकल का एल 1 निरस्त किया गया था उसे शामिल किया जाता है। ज़ब उस टेंडर मे क्लास 3बी योग्य नही तो फिर ऐसी क्या बात रही होंगी कि उसे इस टेंडर मे शामिल किया गया? मामले मे गौर डाले तो पता यह चलता है कि पिछले टेंडर मे कौन कितना बिलो रेट कोट किया है तो सुपर पावर ठेकेदार ने अपना वीटो पावर दिखा कर पुराना टेंडर निरस्त करवा देता है और नये सिरे से टेंडर करवाने मे सफल हो जाता है। यह खेल काफ़ी समय से कोरबा सर्किल मे चल रहा है। शहर कि चरमराई विद्युत व्यवस्था ऊर्जाधानी कोरबा के मुँह मे कालिख पोतते नज़र आ रहा है। लगातार कोरबा के राजनैतिक संगठन, व्यापारी, ग्रामीण सहित जनता शिकायत पर शिकायत कर रही हैं पर बिजली विभाग का वही ढाक के तीन पात?अब देखना यह है कि 29 तारीख को खुलने वाले टेंडर मे कौन कौन ठेकेदार शामिल होते है और कौन कितने बिलो मे  यह टेंडर उठाता है?

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