रायपुर। एमएम नारायण मल्ट्रीस्पेशलिटी हॉस्पिटल रायपुर में 24 मार्च को नि:शुल्क चेस्ट एक्स-रे सेवा और परामर्श पर 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है, ताकि लोग शीघ्र जांच एवं समय पर चिकित्सीय सलाह के लिए आगे आएं।

वरिष्ठ परामर्शदाता, पलमोनोलॉजी एमएमआई के डॉक्टर दिपेश मास्के ने बताया कि यह दिन न केवल टीबी के विरुद्ध वैज्ञानिक प्रगति की याद दिलाता है, बल्कि इसके उन्मूलन की दिशा में प्रयासों को और मजबूत करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है जो रू4ष्शड्ढड्डष्ह्लद्गह्म्द्बह्वद्व ह्लह्वड्ढद्गह्म्ष्ह्वद्यशह्यद्बह्य नामक जीवाणु के कारण होती है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, जिसे पल्मोनरी टीबी कहा जाता है, लेकिन यह मस्तिष्क, रीढ़ और गुर्दे जैसे अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यह रोग हवा के माध्यम से फैलता है, जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो उसके मुंह से टीबी जीवाणु युक्त सूक्ष्म बूंदें निकलती हैं। लोग किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक या निकट संपर्क में रहते हैं, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
टीबी के लक्षणों की पहचान
टीबी के लक्षण प्राय: धीरे-धीरे प्रकट होते हैं और कई बार इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहने वाली खांसी इसके सबसे सामान्य चेतावनी संकेतों में से एक है। इसके साथ-साथ बुखार, रात को पसीना आना, अकारण वजन घटना, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। गंभीर मामलों में खांसते समय बलगम में खून आ सकता है। समय पर निदान और उचित उपचार से इस बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है और इसके प्रसार को रोका जा सकता है।



