IITF 2025 News: आईआईटीएफ 2025 में छत्तीसगढ़ की चमकदार उपस्थिति
IITF 2025 News ऋतु सेन ने किया पवेलियन का उद्घाटन, जूरी टीम ने हर्बल उत्पादों की गुणवत्ता को सराहा

IITF 2025 News रायपुर, नई दिल्ली प्रगति मैदान में छत्तीसगढ़ पवेलियन विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रकृति, नवाचार और जनजातीय विरासत के अद्भुत संगम के साथ सजाया गया, यह पवेलियन देश-विदेश के प्रतिनिधियों का ध्यान अपनी ओर लगातार खींच रहा है। 14 से 27 नवंबर तक आयोजित भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) का आयोजन किया गया है। शुक्रवार को इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पूरे पवेलियन का भ्रमण कर प्रदर्शित उत्पादों और उद्यमशीलता के मॉडल की सराहना की।
IITF 2025 News प्रकृति आधारित अर्थव्यवस्था पर केंद्रित छत्तीसगढ़
उद्घाटन के दौरान ऋतु सेन ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज केवल खनिज और कृषि राज्यों में नहीं गिना जाता, बल्कि प्राकृतिक वन संपदा और हर्बल उद्योग में भी इसकी क्षमता तेजी से बढ़ रही है। पवेलियन को इस बार नेचर ड्रिवेन ग्रोथ की अवधारणा के आधार पर डिजाइन किया गया है। यहां हस्तशिल्प, बांस उत्पाद, जनजातीय कलाकृतियां, एमएसएमई स्टार्टअप प्रोडक्ट्स, प्राकृतिक खाद्य सामग्री और वन आधारित हर्बल उत्पादों की विस्तृत शृंखला प्रदर्शित की गई है। ऋतु सेन ने स्टॉलों की आकर्षक प्रस्तुति, स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाले मॉडलों की विशेष सराहना की।
IITF 2025 News: छत्तीसगढ़ हर्बल्स स्टॉल पर विशेष फोकस
पवेलियन में सबसे अधिक भीड़ छत्तीसगढ़ हर्बल्स के स्टॉल पर नजर आई, जहां प्राकृतिक और औषधीय उत्पादों की लंबी शृंखला प्रदर्शित की गई है। ऋतु सेन ने स्वयं इस स्टॉल का निरीक्षण किया और हर्बल तेल, साबुन, शैम्पू, गुलाबजल, फेस पैक, अगरबत्ती और औषधीय सामग्री जैसे उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसी दौरान आईआईटीएफ के जूरी अध्यक्ष और उनकी टीम भी छत्तीसगढ़ हर्बल्स स्टॉल का निरीक्षण करने पहुंचे। जूरी टीम ने कच्चे माल की सोर्सिंग, वैज्ञानिक प्रसंस्करण तकनीक, फूड-ग्रेड पैकेजिंग, ब्रांडिंग, सप्लाई चेन और विपणन रणनीतियों को विस्तार से समझा।
IITF 2025 News: वैश्विक व्यापारिक अवसरों की ओर मजबूत कदम
मेले के शुरुआती दिनों में ही छत्तीसगढ़ पवेलियन में घरेलू खरीदारों, उद्योग प्रतिनिधियों और विदेशी व्यापारिक टीमों की भीड़ बढ़ती जा रही है। कई कंपनियों ने हर्बल उत्पादों, हस्तशिल्प और वन-आधारित वस्तुओं में व्यापारिक साझेदारी में रुचि दिखाई है। आईआईटीएफ 2025 में छत्तीसगढ़ की मजबूत और प्रभावी उपस्थिति न केवल राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दे रही है, बल्कि निवेश, निर्यात और ग्रामीण उद्यमिता को नए आयाम प्रदान कर रही है।



