Child labour exposed: रायपुर, गोलबाजार में मंगलवार को जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर दो नाबालिग बच्चों को जोखिमभरे कार्य से मुक्त कराया गया। दोनों दुकानदारों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है। टीम ने थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत स्थित पेटी लाइन के महराज की दुकान और मानिक मेटल स्टोर्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों पर बाल श्रम करते हुए नाबालिग पाए गए।
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दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए किया एफआईआर
Child labour exposed: पहले मामले में मानिक मेटल स्टोर्स से 17 वर्षीय बालिका टिटलागढ़, जिला बलांगीर (ओडिशा) को जोखिमभरा कार्य करते हुए पाया गया। दूसरे मामले में महराज की दुकान से 11 वर्षीय बालक कोंडागांव को पत्थर व मूर्ति निर्माण के कार्य में संलग्न पाया गया। दोनों बच्चों को तत्काल रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया है। मानिक मेटल स्टोर्स के संचालक आशीष कुमार गुप्ता एवं महराज की दुकान के संचालक अरविंद मिश्रा के विरुद्ध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। साथ ही, दोनों नाबालिगों के अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग से संबंध होने के कारण एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
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संरक्षण अधिकारी ने सौंपी रिपोर्ट
Child labour exposed: संरक्षण अधिकारी संजय निराला ने थाना गोलबाजार को दिए गए लिखित आवेदन में बताया कि निरीक्षण के दौरान बाल श्रम का स्पष्ट प्रमाण मिला है। उन्होंने कहा कि यह कार्य बालकों के जीवन, सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। राज्य समन्वयक विपिन कुमार ठाकुर ने बताया कि बचपन बचाव आंदोलन के तहत ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।





