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रेलवे के अधिकारियों ने दो वंदे भारत और दो अमृत भारत ट्रेन के लिए भेजा प्रस्ताव

– ये ट्रेनें चलेंगे जबलपुर, एलटीटी मुंबई, कामाख्या तक

रायपुर, संवाद साधना। जबलपुर, वाराणसी और कामाख्या जाने वाले यात्रियों के लिए खुशबरी है। इन मार्गों में दो वंदे भारत और दो अमृत भारत ट्रेन चलेंगी। जल्द ही छत्तीसगढ़ को दोनों ही टे्रेन मिलेंगी। जानकारी के अनुसार रेलवे दुर्ग से वाराणसी, दुर्ग से जबलपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस, दुर्ग से लोकमान्य तिलक मुंबई और दुर्ग से कामाख्या के बीच अमृत भारत की नई ट्रेन चलाएगा। बिलासपुर जोन के अफसरों ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाएगा।

रेलवे की मानें तो लंबी दूरी की ट्रेनों में अक्सर वेटिंग रहती है। ट्रेनों में एक महीने से अधिक की वेटिंग चल रही है। नई ट्रेन के चलने से अधिक से अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिलेगी। इसके साथ ही त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे दुर्ग-हावड़ा और दुर्ग गुवाहाटी वाया डाकिनी के बीच स्पेशल ट्रेन चलाएगा। दुर्ग हावड़ा के बीच 23 सितंबर से 22 अक्टूबर तथा दुर्ग गुवाहाटी के बीच 23 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच स्पेशल ट्रेन चलेगी। रायपुर मंडल के अफसरों ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
रायपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना 120 ट्रेनें तो दुर्ग से करीब 15 से अधिक ट्रेनें बनकर जाती है। वर्तमान में रायपुर से वाराणसी के लिए महज दो ट्रेन है, जिसमें सारनाथ एक्सप्रेस और गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस शामिल है। दोनों ट्रेनों में लंबी वेटिंग रहती है। इसके साथ ही रायपुर से कामाख्या और दुर्ग से लोक मान्य तिलक टर्मिनल के लिए एक भी ट्रेन नहीं हैं। रायपुर स्टेशन मुंबई हावड़ा मार्ग पर स्थित है। इसलिए हावड़ा से मुंबई जाने वाली ट्रेनें यहीं से होकर जाती हैं। लेकिन इन ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग रहती है।
नई ट्रेनें शुरू होने से यात्रियों को क्या होगा फायदा
रायपुर-कामाख्या अमृत भारत-रायपुर से कामाख्या के लिए वर्तमान में एक भी ट्रेन नहीं है। लोकमान्य तिलक से रायपुर होते हुए कामाख्या के बीच ट्रेन संचालित हो रही है। इस ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिलती। रायपुर से कामाख्या की दूरी करीब 1808 किमी है। सामान्य ट्रेन 34 घंटे में पहुंचती है, लेकिन अमृत भारत शुरू होने से 30 घंटे में यात्री कामाख्या पहुंच जाएंगे। इससे करीब 4 घंटे से अधिक समय की बचत होगी।

रायपुर से प्रयागराज होते हुए वाराणसी और कामाख्या सहित दो अन्य रूटों के लिए वंदे भारत और अमृत भारत चलाने के लिए जोन के माध्यम से बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। हरी झंडी मिलते ही ट्रेन का परिचालन शुरू होगा।
-अवधेश कुमार, सीनियर डीसीएम रायपुर मंडल

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