कन्वर्जन से समाज में असंतुलन फैल रहा है: स्वामी वल्लभाचार्य
रायपुर, संवाद साधना। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या से श्री रामहर्षण मैथिल सख्य पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी वल्लभाचार्य मंगलवार को राजधानी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य 51 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ में शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण दिया। स्वामी वल्लभाचार्य ने बताया कि इस महायज्ञ में पूरे देश से संत-महात्मा और महापुरुष शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है, क्योंकि माता कौशल्या का मायका यहीं है। ऐसे में छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति आवश्यक है। उन्होंने कहा – अगर मुख्यमंत्री साय महायज्ञ में पधारेंगे तो यह भगवान श्रीराम के लिए भी विशेष होगा, क्योंकि उन्हें अपने मामा पक्ष की उपस्थिति का आशीर्वाद मिलेगा।
छत्तीसगढ़ की भूमि पर कन्वर्जन एक अभिशाप
स्वामी वल्लभाचार्य ने स्वदेश के साथ चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बढ़ते कन्वर्जन को लेकर कड़ा रुख अपनाते की जरुरत है। यह प्रदेश को अंदर से खोखला कर रहा है। क्योंकि जब प्रदेश खोखला होगा, तो इसका सीधा असर पूरे देश पर पड़ेगा। इसलिए इसे रोकना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भूमि पर कन्वर्जन एक अभिशाप की तरह है। उन्होंने कहा कि आज भी राज्य के कई इलाकों में पहुंचना आसान नहीं है। इन्हीं दूरस्थ क्षेत्रों में भोले-भाले आदिवासियों को लालच देकर कन्वर्जन कराया जा रहा है। इससे बचने के लिए आवश्यक है कि प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति को दोबारा शुरू किया जाए। मिशनरी स्कूलों के बजाय बच्चों को गुरुकुलों में शिक्षा देने पर ज़ोर देने की भी अपील की गई।
कुछ मिशनरी लगातार कन्वर्जन कराने में जुटी है
स्वामी वल्लभाचार्य ने कहा कि हिंदुओं में एकजुटता की कमी है। आज हिंदू केवल नाम के लिए एक हैं, लेकिन एक-दूसरे के साथ खड़े नहीं होते। हिंदुत्व के प्रति जागरूकता का भी अभाव है और वे अपने वेदों और उपनिषदों का ज्ञान नहीं रखते। जबकि बाकी समाजों में भी जातियां और वर्ग हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो वे एकजुट हो जाते हैं। यही कमी हिंदुओं में सबसे बड़ी कमजोरी है। स्वामी वल्लभाचार्य ने कहा कि इसका मूल कारण अशिक्षा है, जिसके चलते कई लोग हिंदू धर्म की वास्तविकता और ज्ञान से अनभिज्ञ हैं। कुछ मिशनरी लगातार कन्वर्जन कराने में जुटी हुई हैं, जिससे समाज में असंतुलन फैल रहा है।



