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डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाले 5 अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार


पंजाब नेशनल बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र चलने वाला आरोपी

रायपुर। डिजिटल अरेस्ट के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले उत्तर प्रदेश के 5 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी कॉल कर खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट में रखकर ठगी करते थे। इस गिरोह ने रायपुर विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत आमासिवनी निवासी सोनिया हंसपाल को अपना शिकार बनाया था, जिनसे 21 मई से 10 जुलाई के बीच 2.83 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
ऐसे फंसाते थे शिकार को जाल में

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को दिल्ली पुलिस और साइबर विंग का अधिकारी बताकर पीडि़ता को कॉल करते थे। उसे बताया जाता था कि उसके आधार कार्ड से कई बैंक खाते खोले गए हैं और मनी लॉन्ड्रिंग में उसका नाम जुड़ा है। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर घंटों डिजिटल अरेस्ट में रखकर उसके बैंक खातों से एक-एक कर के करोड़ों रुपये ठग लिए गए।

ऐसे हुई गिरफ्तारी

बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और लखनऊ में चिन्हित किया। इसके बाद रेंज साइबर थाना, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना विधानसभा पुलिस की चार सदस्यीय संयुक्त टीम को उत्तर प्रदेश रवाना किया गया।

टीम के सदस्यों ने गोरखपुर और लखनऊ में लगातार कैंप कर पड़ताल की और गोरखपुर से आकाश साहू एवं शेर बहादुर सिंह उर्फ मोनू, तथा लखनऊ से अनुप मिश्रा, नवीन मिश्रा और आनंद कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी की इस घटना को अंजाम दिया।

फर्जी कंपनियों और खातों से करते थे ठगी

गिरफ्तार आरोपियों ने 40 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाई थीं, जैसे श्री नारायणी इंफ्रा डेवलपर, श्री गणेशा डेवलपर्स, अर्बन एज इंफ्रा बिल्डकॉम आदि। इन कंपनियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर ठगी की रकम को ट्रांसफर कर नगद आहरण किया जाता था। आरोपी आनंद सिंह, देवरिया (उत्तर प्रदेश) में पंजाब नेशनल बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र भी संचालित करता था।

43 लाख रुपये की रकम होल्ड, अन्य आरोपी फरार
पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक खाते, चेक बुक, मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त कर लिए हैं। साथ ही ठगी की 43 लाख रुपये की राशि को होल्ड भी कर दिया गया है। मामले में अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

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