भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख नरेश चंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को एक गोपनीय पत्र भेजा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले को लेकर भाजपा ने सीबीआई जांच की मांग की है। भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख नरेश चंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को एक गोपनीय पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने इस मामले में सीबीआई से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
आरोप और सबूत:
- शिकायत में पूर्व मुख्यमंत्री, आला अफसरों और पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
- आरटीआई रिकॉर्ड्स के “गायब” होने, टेंडर प्रक्रिया में घालमेल और सॉफ्टवेयर हेरफेर का आरोप लगाया गया है।
- ईओडब्ल्यू/एसीबी पर पूर्वग्रह से ग्रसित जांच और रसूखदारों को बचाने के गंभीर संकेत दिए गए हैं।
दस्तावेज़ी सबूत:
- शिकायत के साथ 200 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज़ भेजे गए हैं, जिनमें घोटाले से जुड़े अहम कानूनी साक्ष्य और न्यायालयीन आदेश शामिल हैं।
- इन दस्तावेज़ों में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू/एसीबी) द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का आदेश और ट्रायल कोर्ट का आदेश शामिल हैं।
आरोपों की गंभीरता:शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राज्य एजेंसी की जांच अधूरी है और महत्वपूर्ण सुरागों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राज्य एजेंसी की जांच अधूरी है और महत्वपूर्ण सुरागों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और राज्य के खजाने को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।
दस्तावेज़ी सबूत:
- शिकायत के साथ 200 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज़ भेजे गए हैं, जिनमें घोटाले से जुड़े अहम कानूनी साक्ष्य और न्यायालयीन आदेश शामिल हैं।
- इन दस्तावेज़ों में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू/एसीबी) द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का आदेश और ट्रायल कोर्ट का आदेश शामिल हैं।
आरोपों की गंभीरता:
- शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राज्य एजेंसी की जांच अधूरी है और महत्वपूर्ण सुरागों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है।
- इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और राज्य के खजाने को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।



