6 घंटे तक किया प्रदर्शन
आरक्षक के निलंबित होने के बाद प्रदर्शन किया समाप्त, इधर, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
रायपुर। मोवा थाना क्षेत्र पंडरी में होली त्योहार के दिन आरक्षक द्वारा युवक से मारपीट का मामला बुधवार को हंगामे के रुप में भड़का उठा। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के सदस्यों ने करीब 6 घंटे तक मानव अधिकारों के हनन का आरोप लगाकर मोवा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। वहीं आरक्षक को बर्खास्त करने की मांग की। इधर, एसएसपी ने जब आरक्षक को निलंबित किया, तब जाकर मामला शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर मोवा पुलिस ने भीम आर्मी के सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया। आरोप है कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने बिना अनुमति प्रदर्शन किया, जो अवैध माना जाता है। भीम आर्मी के प्रदर्शन के दौरान थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया। एएसपी, 2 सीएसपी, थाने के टीआई समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थे। थाने के आसपास बैरिकेडिंग भी की गई थी।
प्रदर्शन से यातायात रहा बाधित
इस प्रदर्शन के दौरान पंडरी-मोवा मुख्य सड़क पर लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने देवेंद्र मिरी, कुलेश्वर प्रसाद, ओमप्रकाश समेत करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
ये है मामला
पीडि़त गोपाल दास डहरिया ने बताया कि वह सड्डू सेक्टर-8 का निवासी है। 12 मार्च की रात करीब 9 बजे वह विज्ञान भवन के पास अपने भाई की चाय की दुकान पर खड़ा था। होली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी गश्त कर रहे थे। गश्त पार्टी में आरक्षक मनीष साहू शामिल था। आरक्षक मनीष साहू ने गोपाल दास से अभद्र भाषा में बात की और अचानक उसके गाल पर थप्पड़ मार दिया, जब गोपाल ने इसका कारण पूछा, तो पुलिसकर्मी ने गाली-गलौज की। गोपाल ने सफाई दी कि वह सिर्फ अपने भाई की दुकान पर मदद करने आया है, लेकिन पुलिसकर्मी ने उसकी बात सुने बिना ही उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद, पुलिसकर्मी ने उसे जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। डर के कारण गोपाल वहां से भाग निकला। पुलिस की मारपीट से उसके हाथ, पैर और सीने पर गंभीर चोटें आईं।
आरक्षक को पहले किया गया था लाइन अटैच
रायपुर पुलिस के एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने 16 मार्च को आरोपी आरक्षक मनीष साहू को लाइन अटैच कर दिया था, लेकिन इसकी जानकारी मीडिया में नहीं आई थी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दोषी पुलिसकर्मी को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को आरक्षक मनीष साहू को सस्पेंड कर दिया।



