
कोरबा….. कोरबा जिले में रेत घाट का संचालन नहीं करवा सके। मजबूरन कोरबावासी 500 रुपए ट्रेक्टर में कभी मिलने वाली रेत 3 हजार रुपए में खरीदने के लिए मजबूर हो चुके हैं। रेत ठेकेदार ठेका लेकर जनता को लूट रहे हैं और आम जनता के लिए निर्माण कराना मुश्किल हो गया है। सरकारी निर्माण में भी महंगी रेत का उपयोग करवा कर सरकार को आर्थिक चूना भी सांठगांठ से लगवाया जा रहा है शहर के विकास को लेकर कितने गंभीर हैं क्षेत्र में ही रेत की कालाबाजारी हो रही है। रेत खदानों को सुचारू रूप से चलवाने के लिए रेत घाटों की नीलामी या फिर नगर निगम से संचालन करवाने की फाइल को ये आगे नहीं बढ़वा सके हैं। आज आम जनता या तो चोरी की रेत से निर्माण करवा रही है या फिर अपना पेट काट-काट कर घर-मकान बनवाने के लिए विवश है। महंगी रेत कई निम्न और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए घर बनाने का सपना तोड़ रही है जनता और सरकार की जेब पर दिन दहाड़े महंगी रेत की आड़ में डाका डाले पड़े हैं।



