भाजपा पार्षद सहित चार एनजीओ संचालक पर लगा गबन का आरोप – गिरफ्तार
- डीएमएफ के 63 लाख रूपये के गबन का आरोप
- लाइवलीहुड कॉलेज में फर्जी प्रशिक्षण देने का आरोप
- कोरबा में अन्य कई एनजीओ रडार पर
- लाइवलीहुड कॉलेज नोडल अधिकारी पर भी लगे हैं आरोप
- कोरबा , प्रदेश भर में डीएमएफ की राशि का दुरूपयोग करते हुए पैसों की बर्बादी करने का आरोप लग रहा हैं। प्रशिक्षण के लिए डीएमएफ की रकम को स्वीकृत कर फर्जी तरीके से प्रशिक्षण और अन्य कार्य करके रुपयों का गबन करने का आरोप हैं। जांजगीर जिले में ऐसे ही एक मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने दो एनजीओ के 4 संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। चारों कथित आरोपी कोरबा जिले के बताये जा रहे हैं और इनमे से एक भाजपा का पार्षद भी बताया जा रहा है।
जांजगीर जिले में इस मामले की शिकायत भाजयुमो ने तब की जब उसके पदाधिकारियों ने दोनों प्रशिक्षण कार्यों के हितग्राहियों से मुलाकात की। इसकी जमीनी पड़ताल में पता चला कि किसी भी महिला को कोई भी प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। उपस्थिती पंजी में दस्तखत भी फर्जी हुआ है, जिसको जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह ग्राम पंचायत-नवापारा(ख) व जागृति महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने लिखकर भी दिया।
- रकम वापस करने का दिया गया मौका
फर्जी प्रशिक्षण के खुलासे के बाद विभाग द्वारा दोनों एनजीओ को रकम लौटने का नोटिस जारी किया। जिसमें से संस्था द्वारा निर्मल फाउंडेशन कोरबा द्वारा 02.03, 2022 तक कुल 14,15,000/- चौदह लाख चन्द्रह हजार रूपया किश्त में जमा किया गया है एवं शेष राशि 56,25,000/- छप्पन लाख पच्चीस हजार रुपये को जमा नहीं किया गया है। इस प्रकार निर्मल फाउण्डेशन संस्था कोरबा द्वारा शासकीय राशि का गबन करना पाये जाने पर थाना जांजगीर में दिनांक 12.05.23 को धारा 409 भादवि के तहत जुर्म पंजीबद्ध कर मामले विवेचना में लिया गया।
इसी तरह लक्ष्य समाज सेवी संस्था कोरबा द्वारा दिनांक 24.02. 2023 तक कुल रुपये 28,00,000/- अठाइस लाख रुपये किश्त में जमा किया गया था शेष राशि रूपये 7,19,296/- सात लाख उन्नीस हजार दो सौ छियान्ये रुपये को जमा किया जाना शेष है। लक्ष्य समाज सेवी संस्था कोरबा द्वारा शासकीय राशि का गबन करना पाये जाने पर प्रथम दृष्टया धारा 409 भादवि का अपराध थाना जांजगीर में पंजीबद्ध किया गया।
0 एफआईआर के बाद की गई गिरफ़्तारी
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद कथित आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया। कथित आरोपियों में से एक भाजपा नेता पार्षद भी बताया जा रहा हैं।