बीज के सैंपल की रिपोर्ट आने में 7-10 दिन और खाद के सैंपल की रिपोर्ट आने में लगते हैं 10-15 दिन
महासमुंद। खरीफ सीजन की शुरूआत से पहले कृषि विभाग इन दिनों बीज और खाद की गुणवत्ता जांचने सैंपलिंग कर रहा है। जिसके तहत जिलेभर की दुकानों में दबिश देकर सैंपल लेने का कार्य जारी है। इस बार विभाग को बीजों के 245 सैंपल और खाद के 228 का लक्ष्य मिला है। अब तक बीजों के लगभग 165 और खाद के 48 सैंपल प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं।
बता दें कि किसानों को मानक स्तर के बीज और खाद मिले, इसके लिए विभाग द्वारा हर साल बीज और खाद का सैंपल परीक्षण प्रयोगशाला लाभांडी रायपुर भेजा जाता है। खाद व बीजों की सैंपलिंग 15 अप्रैल से शुरू हुआ है, जो जुलाई तक चलेगा। बीज के सैंपल की रिपोर्ट आने में लगभग 7-10 दिन और खाद के सैंपल की रिपोर्ट आने में लगभग 10-15 दिन लगता है। रिपोर्ट अमानक पाए जाने पर विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है और उन्हे बाजार से वापस मंगा लिया जाता है। कृषि विभाग के एडीओ और सैंपल इंस्पेक्टर मनोज पटेल ने बताया कि खाद व बीजों की सैंपलिंग का कार्य चल रहा है। इस साल विभाग को बीज का 245 का लक्ष्य मिला है। अभी तक 165 बीजों का सैंपल भेजा जा चुका है जिनमें से 103 की रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसमें से सभी बीज के सैंपल मानक पाए गए हैं। शेष 62 की रिपोर्ट जल्द ही प्राप्त हो जाएगी। इसी तरह खाद के लिए 228 का लक्ष्य मिला है। अभी तक 48 खाद का सैंपल प्रयोगशाला भेजा जा चुका है, जिसमें से 43 की रिपोर्ट आई है जो सभी मानक हैं । शेष 5 खाद सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है।
पिछले साल खाद-बीज के 455 का सैंपल का था लक्ष्य
श्री पटेल ने बताया कि पिछले साल विभाग को खाद और बीज के 455 सैंपल लेने का लक्ष्य मिला था। गत वर्ष बीज के लिए 245 का लक्ष्य विभाग को मिला था। गत वर्ष लक्ष्य से अधिक 262 सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजा गया था जिसमें से 257 बीज का सैंपल की रिपोर्ट मानक आई थी और 5 अमानक पाया गया था। इसी तरह खाद का भी लक्ष्य 210 था इसमें भी लक्ष्य से अधिक 214 का सैंपल लिया गया था जिसमें सभी 213 की रिपोर्ट मानक और एक सैंपल की रिपोर्ट अमानक पाई गयी थी। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह जो भी खाद व बीज के सैंपल अमानक पाए जाते हैं उनके लाट को बाजार से वापस मंगाकर उस पर बिक्री करने का प्रतिबंध लगाया जाता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से अमानक खाद-बीज की संख्या में कमी आई है।
बीज अमानक होने पर होता है नुकसान
श्री पटेल ने बताया कि खाद और बीज अमानक होने पर फसलों पर असर पड़ता है। किसानों की फसल प्रभावित होती है। इससे किसानों को नुकसान होता है। इस कारण किसानों को प्रमाणित बीज लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। प्रमाणित बीज की बोआई करने से उत्पादन अच्छा होता है।



