विधायक चातुरी नंद ने मनरेगा के कार्यों के आबंटन में भेदभाव का लगाया आरोप
महासमुंद । जिले में मनरेगा में गड़बड़ियों का मामला विधायक चातुरी नंद ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाया।
विधायक नंद के तारांकित प्रश्न के लिखित जवाब में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि महासमुंद जिले में मनरेगा के तहत कुल 32 कार्यों के लिए 5 करोड़ 33 लाख 92 हजार रूपये के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत कार्यों में महासमुंद विकासखंड के 7 कार्यों हेतु 1 करोड़ 22 लाख 90 हजार, बागबहरा विकासखंड के 4 कार्यों हेतु 76 लाख रूपये, पिथौरा विकासखंड के 4 कार्यों हेतु 57 लाख 64 हजार रूपये, बसना विकासखंड के 17 कार्यों हेतु 2 करोड़ 77 लाख 37 हजार रुपए के कार्यों की स्वीकृति दी गई और सरायपाली विकासखंड के लिए एक भी कार्यों के लिए राशि जारी नहीं की गई है। इस सम्बन्ध में मीडिया को जानकारी देते हुए विधायक चातुरी नंद ने कहा कि साय के सुशासन में विकास कार्यों के आबंटन में लगातार भेदभाव किया जा रहा है। मनरेगा के तहत डब्ल्यू बी एम सड़क निर्माण हेतु बानीगिरोला, डूडूमचुऑ, सिरपुर, बाराडोली और पाटसेंद्री में डब्ल्यू बी एम सड़क के प्रस्ताव हेतु अनुशंसा पत्र जारी किया गया था लेकिन राशि जारी नहीं की गई जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक हैं। उन्होंने कहा कि सरायपाली क्षेत्र बहुत ही पिछड़ा हुआ क्षेत्र है जहां विकास कार्यों की बहुत आवश्यकता हैं लेकिन जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के दुर्भावनापूर्ण रवैए से हमारा क्षेत्र विकास में पिछड़ रहा है। विधायक नंद के सवाल के जवाब में बताया गया कि दो व्यक्तियों ने मनरेगा के तहत स्वीकृत डब्ल्यू बी एम सड़क निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की गई है।
इसी तरह विधायक चातुरी नंद ने महतारी वंदन योजना के तहत आबंटित राशि और विज्ञापन के लिए खर्च की गई राशि, महासमुंद जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में मरम्मत जीर्णोद्धार और नवीन निर्माण के लिए स्वीकृत कार्यों की जानकारी तथा डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के रिक्त पदों की पूर्ति की जानकारी मांगी गई है।



